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किसी में 50 हजार साल पुराने निएंडरथल का जीन है तो ज्यादा घातक होंगे कोविड महामारी के लक्षण: रिसर्च

नई दिल्ली  कोरोना वायरस और इसके प्रभावों को लेकर नए-नए खुलासों का सिलसिला जारी है। अब वैज्ञानिकों ने कोरोना संक्रमण से पैदा हुई कोविड-19 महामारी के लक्षणों पर बड़ा खुलासा किया है। उनका कहना है कि इस महामारी के कितने घातक लक्षण दिखेंगे, इसका संबंध क्रोएशिया में एक निएंडरथल (Neanderthal in Croatia) के जीन से जुड़ सकता है। जर्मनी स्थित मैक्स प्लांक इंस्टिट्यूट ऑफ इवॉल्युशनरी एंथ्रोपॉलजी (Max Planck Institute for Evolutionary Anthropology) के रिसर्चरों की तरफ से किए गए एक अध्ययन में सामने आया है कि दक्षिण एशिया की 50% आबादी में क्रोएशिया के एक निएंडरथल का ही जीन है।

‘जीन से भी तय होती है बीमारी की गंभीरता’

उम्र, लिंग और गंभीर बीमारियों का होना कोविड-19 महामारी के जोखिमों का पैमाना तय करते हैं। फिर भी यह पता नहीं चल पाता है कि कोई व्यक्ति बहुत ज्यादा बीमार क्यों पड़ जाता है। प्रतिष्ठित साइंस मैगजीन द नेचर में प्रकाशित अध्ययन में कहा गया है, ‘इस तरह, ‘कोविड-19 महामारी किसी के लिए कितना घातक होगी, यह जेनेटिक रिस्क फैक्टर से बहुत हद तक तय होता है।’

‘निएंडरथल जीन से घातक हो जाते हैं कोविड के लक्षण’

एक हालिया अध्ययन में पाया गया है कि क्रोमोजोम 3 का एक जिनोमिक रीजन (क्रोमोसोम के जिस जगह में जीन पाया जाता है) rs35044562 है जिसका घातक कोविड-19 से महत्वपूर्ण संबंध है। स्टडी कहती है कि इस जीन वाले लोगों को कोविड-19 महामारी होने पर उनका श्वसन तंत्र तेजी से खराब होता है और उन्हें अस्पताल ले जाने की जरूरत 1.6 गुना रहती है। द नेचर में प्रकाशित लेख के प्रमुख लेखकर ह्यूगो जेबर्ग (Hugo Zeberg) ने हमारे सहयोगी अखबार द टाइम्स ऑफ इंडिया से कहा, ‘और भी जेनेटिक वैरियेंट्स हैं, लेकिन यह सबसे महत्वपूर्ण है।’

द. एशिया की आधी आबादी में निएंडरथल का जीन: रिसर्च

जेबर्ग और मैक्स प्लांक इंस्टिट्यूट के उनके सहयोगी स्वांते पाबो (Svante Paabo) ने रिसर्च में पाया कि घातक लक्षणों की आशंका बढ़ाने वाला यह जिनोमिक सिगमेंट क्रोएशिया के 50 हजार साल पुराने एक निएंडरथल के जिनोम में भी है। उसके बाद दोनों ने 1,000 जिनोम प्रॉजेक्ट के आंकड़ों की पड़ताल की। प्रकाशित अध्य्यन में कहा गया है, ‘दक्षिण एशिया की आधी आबादी में यही जीन पाया जाता है जबकि यूरोप की 16% और मिश्रित अमेरिकियों की 9% आबादी इसी जीन की है। सबसे ज्यादा इस जीन वाले लोग बांग्लादेश में हैं जहां 63% आबादी में यह जीन है।’

सवाल है कि क्या इस जीन के कारण कोविड-19 महामारी से पीड़ति व्यक्ति की मौत की ज्यादा आशंका है? रिसर्च कहता है कि इसका कोई प्रत्यक्ष प्रमाण नहीं मिला है। इसमें कहा गया है कि इस जीन के लोगों में कोविड के लक्षण थोड़े ज्यादा घातक होते हैं, लेकिन जहां तक बात मौत की है तो इसके लिए दूसरे कारक भी जिम्मेदार होते हैं

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