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फिर से थर्राएगी महाजन फील्ड फायरिंग रेंज, आतंक के आकाओं के मंसूबे होंगे नेस्तनाबूद

बीकानेर: बीकानेर की महाजन फील्ड फायरिंग रेंज में आज से भारत-अमेरिका की सेना के मध्य संयुक्त युद्धाभ्यास शुरू हुआ. आने वाले 15 दिनों तक दोनों देशों की सेनाएं संयुक्त रूप से रण कौशल का प्रदर्शन करेगी और फील्ड फायरिंग रेंज के रेतीले धोरों पर आतंकवाद के खिलाफ संयुक्त लड़ाई की तकनीक को साझा करेंगे.

भारत व अमेरिका की सेनाओं के बीच संयुक्त युद्धाभ्यास शुरू हुआ:
महाजन फील्ड फायरिंग रेंज में आज से भारत व अमेरिका की सेनाओं के बीच संयुक्त युद्धाभ्यास शुरू हुआ. यह संयुक्त युद्धाभ्यास 21 फरवरी तक चलेगा. ओपनिंग सेरेमनी के अवसर पर दोनों देशों के सैनिकों द्वारा परेड मार्च किया गया. यूएसए सेना के कमांडर कर्नल जे बोडवेल ओर भारतीय सेना के ब्रिगेडियर मुकेश भानवाला ने परेड की सलामी ली और ब्लून उड़ाकर संयुक्त युद्धभ्यास की विधिवत शुरुआत की. इस दौरान दोनों सैन्य अधिकारियों ने अपने सम्बोधन के दौरान संयुक्त रूप से आतंकवाद व साइबर अटैक जैसे हमलों को नेस्तनाबूद करना जरूरी बताया.

यूएसए आर्मी द्वारा उत्तराखंड त्रासदी को लेकर संवेदना भी व्यक्त की गई:
इस दौरान यूएसए आर्मी द्वारा उत्तराखंड त्रासदी को लेकर संवेदना भी व्यक्त की गई. डिफेंस पीआरओ लेफ्टिनेंट कर्नल अमिताभ शर्मा ने बताया कि यह युद्धाभ्यास एंटी टेररिज्म संचालन पर केद्रित होगा. इस युद्धाभ्यास का उद्देश्य दोनों सेनाओं के बीच सामरिक स्तर पर अभ्यास और एक दूसरे की सर्वोत्तम प्रथाओं, सहयोग और तालमेल को बढ़ाना है. यह अभ्यास वैश्विक आतंकवाद की चुनौतियों के संदर्भ में काफी महत्वपूर्ण है. संयुक्त अभ्यास दोनों सेनाओं के बीच रक्षा सहयोग के स्तर ओर दोनों देशों के बीच द्विपक्षीय संबंधों को भी बढ़ावा देगा. यूएसए आर्मी के पीआरओ मेजर सपेंशर गैरिसन ने कहा कि विश्व की दो महान बड़ी ओर साहसी सेनाओं के बीच बेहतर सामंजस्य के साथ हो रहा ये युद्धाभ्यास आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई में काफी महत्वपूर्ण साबित होगा

.दोनों देशों के सैनिकों के बीच संयुक्त युद्धभ्यास का यह 16वां संस्करण: 

दोनों देशों के सैनिकों के बीच संयुक्त युद्धभ्यास का यह 16वां संस्करण है. इस युद्धाभ्यास में भारतीय सेना का प्रतिनिधित्व, सप्त शक्ति कमान की 11 वीं बटालियन जम्मू- कश्मीर राइफल्स कर रही है तो वहीं अमेरिकी सेना का प्रतिनिधित्व 2 इन्फैंट्री बटालियन, 3 इन्फैंट्री रेजिमेंट, 1-2 स्ट्राइकर ब्रिगेड कॉम्बैट टीम के सैनिकों द्वारा किया जा रहा है. युद्धाभ्यास मे अमेरिकी सेना के 270 सैनिक हिस्सा ले रहे हैं.

दोनों देशों की सेनाओं के आधुनिक हथियारों का भी प्रदर्शन किया गया:
इस दौरान दोनों देशों की सेनाओं के आधुनिक हथियारों का भी प्रदर्शन किया गया. दोनों देशों के सैनिक एक-दूसरे की आधुनिक हथियारों से परिचित हुए और इन हथियारों की चलाने की तकनीक भी आपस मे साझा की गई. इंडियन आर्मी के बीएमडी टैंक, रॉकेट लॉन्चर, हेवी मशीन गन, लाइट मशीन गन, राइफल्स, वायरलेस सिस्टम तो वहीं अमेरिका सेना की बख्तर बंद गाड़ियों सहित अन्य आधुनिक हथियारो का प्रदर्शन किया गया. 15 दिनों तक चलने वाले इस युद्धाभ्यास में दोनों देशों के सैनिक इन्ही हथियारों से अभ्यास करेंगे और एक फिर से सेनाओं के इस युद्धाभ्यास से महाजन फील्ड फायरिंग रेंज थर्रा उठेगी. तो कुल मिलाकर कहा जा सकता है कि इस संयुक्त युद्धाभ्यास मकसद एक है आतंकवाद को मुंह तोड़ जवाब देते हुए आतंक के आकाओं के मंसूबों को नेस्तनाबूद करना.

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