सूरौठ। स्मार्ट हलचल।कस्बे में तहसील कार्यालय के पास करीब साढ़े पांच करोड़ रुपए की लागत से बनाया गया राजकीय सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र का भवन उद्घाटन से पहले ही जर्जर हो गया है। जनता को समर्पित होने से पूर्व ही अस्पताल भवन की दीवारों और छतों में स्पष्ट दरारें नजर आ रही है। इसे लेकर स्थानीय लोगों में आक्रोश है। इस संबंध में कांग्रेस के ब्लॉक प्रवक्ता प्रमोद तिवाड़ी सहित काफी लोगों ने राज्य के मुख्यमंत्री, मुख्य सचिव, चिकित्सा मंत्री, भरतपुर संभागीय आयुक्त एवं करौली जिला कलेक्टर से राजकीय सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के भवन निर्माण में बरती गई अनियमितताओं की उच्च स्तरीय जांच करवाने की मांग की है। ब्लॉक प्रवक्ता तिवाड़ी ने बताया कि राज्य सरकार ने आमजन को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराने के उद्देश्य से करीब साढ़े पांच करोड़ रुपए की लागत से सूरौठ कस्बे में राजकीय सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र का निर्माण कराया है। राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के अधिकारियों एवं ठेकेदार की मिलीभगत के चलते निर्माण कार्य में में तय मानकों की अनदेखी की गई। घटिया सीमेंट, मानक से कम सरिया और गुणवत्ता हीन सामग्री के उपयोग के कारण भवन उपयोग में आने से पहले ही जर्जर हो गया है। अस्पताल भवन दीवारों में आई दरारें किसी बड़े हादसे को न्योता दे रही हैं। लोगों ने चेतावनी दी है कि जब तक भवन की तकनीकी जांच उच्च स्तरीय टीम से नहीं कराई जाती और निर्माण की कमियों को पूरी तरह सुधारा नहीं जाएगा, तब तक भवन का उद्घाटन नहीं होने दिया जाएगा। लोगों ने निर्माण कार्य में अनियमितता बरतने वाले अधिकारियों एवं ठेकेदार के खिलाफ कार्रवाई की भी मांग की है।