10 महीने से चल रही सड़क निर्माण प्रक्रिया के बावजूद आनन-फानन में हुआ पोल लगाने का काम,पीडब्ल्यूडी और बिजली विभाग की मिलीभगत के भी लगे आरोप

मंगरोप@मुकेश खटीक।मंगरोप-भीलवाड़ा मार्ग पर इन दिनों सड़क निर्माण कार्य तेजी से चल रहा है,लेकिन इसी बीच बिजली विभाग की कार्यशैली को लेकर ग्रामीणों में भारी नाराजगी देखने को मिल रही है।ग्रामीणों का आरोप है कि बिजली विभाग के ठेकेदार ने सड़क निर्माण की वास्तविक जरूरतों की अनदेखी करते हुए अपनी मनमर्जी से सड़क के दोनों ओर अव्यवस्थित ढंग से नए बिजली के पोल गाड़ दिए,जो अब निर्माण कार्य में भी बाधा बनते नजर आ रहे हैं।ग्रामीणों का कहना है कि मंगरोप-भीलवाड़ा मार्ग के साथ-साथ मंगरोप कस्बे और झोपड़िया रोड सहित अन्य स्थानों पर भी पोल लगाने का कार्य जल्दबाजी में किया गया। उनका आरोप है कि पिछले करीब 10 महीनों से सड़क निर्माण की प्रक्रिया चल रही थी और विभागों को इसकी पूरी जानकारी थी।इसके बावजूद बिजली विभाग ने समय रहते समन्वय नहीं किया।
ग्रामीणों के अनुसार,जिन स्थानों पर सड़क निर्माण के बाद पोल लगाने या शिफ्टिंग की आवश्यकता पड़नी थी,वहां संभावित तीन महीने में चरणबद्ध तरीके से होने वाले कार्य को महज एक महीने में ही पूरा कर दिया गया।उनका आरोप है कि यह पूरा काम केवल भविष्य में दोबारा पोल शिफ्टिंग दिखाकर अतिरिक्त शिफ्टिंग चार्ज वसूलने की मंशा से किया गया है।ग्रामीणों ने बिजली विभाग और पीडब्ल्यूडी की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठाते हुए दोनों विभागों की मिलीभगत का आरोप लगाया है।उनका कहना है कि यदि दोनों विभागों के बीच बेहतर समन्वय होता तो सड़क निर्माण से पहले पोलों की वैज्ञानिक और व्यवस्थित प्लानिंग की जाती,जिससे सरकारी धन की बचत होती और निर्माण कार्य भी प्रभावित नहीं होता।ग्रामीणों ने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने तथा सड़क निर्माण की रूपरेखा के अनुरूप बिजली के पोलों का पुनः सर्वे कर आवश्यक कार्रवाई करने की मांग की है।उनका कहना है कि यदि समय रहते स्थिति नहीं सुधारी गई तो भविष्य में सड़क चौड़ीकरण और यातायात व्यवस्था दोनों प्रभावित हो सकते हैं,साथ ही सरकारी राजस्व को भी अनावश्यक नुकसान उठाना पड़ सकता है।