51 कुण्डीय अतिरुद्र महायज्ञ, शिवलिंग महापुराण कथा, भजन संध्याओं एवं राष्ट्रीय कवि सम्मेलन सहित होंगे विविध आयोजन
(ज़ाकिर हुसैन)
निंबाहेड़ा, 28 जून, स्मार्ट हलचल।मेवाड़ के प्रसिद्ध श्री शेषावतार कल्लाजी वेदपीठ द्वारा आयोजित 21वें कल्याण महाकुंभ की सभी तैयारियां अंतिम चरण में पहुंच गई हैं। वेदपीठ परिसर में नेमीशारण्य स्वरूप कथा मंडप एवं 51 कुण्डीय पंचदिवसीय श्री अतिरुद्र महायज्ञ के लिए यज्ञशाला को अंतिम रूप दिया जा रहा है। आगामी 1 जुलाई से प्रारंभ होने वाला यह महाकुंभ धार्मिक, सांस्कृतिक एवं आध्यात्मिक दृष्टि से क्षेत्र का एक ऐतिहासिक आयोजन बनने जा रहा है।
रविवार को वेदपीठ परिसर में आयोजित पत्रकार वार्ता में पदाधिकारियों ने बताया कि सनातन धर्म एवं गुरु परंपरा के संरक्षण एवं संवर्धन की भावना से आयोजित इस महाकुंभ ने विभिन्न धर्मावलंबियों को एक मंच पर जोड़ने का कार्य किया है। इसी क्रम में सिंधी एवं सिख समाज के सहयोग से आयोजित गुरु ग्रंथ साहिब के अखंड पाठ का समापन हुआ। इस अवसर पर ज्ञानीजनों ने गुरु वाणी का सार प्रस्तुत करते हुए ईश्वर की शरणागति का महत्व बताया तथा शबद कीर्तन एवं अरदास के माध्यम से सर्वत्र खुशहाली एवं उत्तम वर्षा की कामना की।
इस अवसर पर गुरुद्वारा चित्तौड़गढ़ के ज्ञानी गुरविंदर सिंह, बूंदी से पधारे पाठी जुबेर सिंह, गुरदीप सिंह, कमलजीत सिंह एवं राजवीर सिंह का वेदपीठ द्वारा सम्मान किया गया। बड़ी संख्या में उपस्थित श्रद्धालुओं ने गुरु ग्रंथ साहिब के समक्ष मत्था टेककर विश्व कल्याण की प्रार्थना की।
*आज होगा नवकार मंत्र जाप एवं पारंपरिक रात्रि जागरण*
वेदपीठ पदाधिकारियों ने बताया कि सोमवार सायं 4 बजे नगर के सकल जैन समाज द्वारा नवकार मंत्र जाप का आयोजन किया जाएगा। वहीं सायंकाल ठाकुरजी की महाआरती के पश्चात कृष्णा कल्याण शक्ति ग्रुप एवं कल्याण भक्त महिलाओं द्वारा पारंपरिक रात्रि जागरण आयोजित होगा, जिसमें भक्ति गीतों एवं भजनों की प्रस्तुतियां दी जाएंगी।
*30 जून को निकलेगी विशाल नगर जागरण वाहन रैली*
महाकुंभ के जनजागरण हेतु 30 जून को सायं 6 बजे वेदपीठ परिसर से विशाल दोपहिया एवं चारपहिया वाहन रैली निकाली जाएगी। मालवी ढोल, बैंड-बाजों एवं जयघोषों के साथ यह रैली नगर के विभिन्न मार्गों एवं मोहल्लों से होकर पुनः वेदपीठ परिसर पहुंचेगी।
*1 जुलाई को निकलेगी ऐतिहासिक शोभायात्रा एवं कलश यात्रा*
वेदपीठ पदाधिकारियों के अनुसार भगवान शिव को समर्पित 21वें कल्याण महाकुंभ की शोभायात्रा इस बार नया इतिहास रचेगी। शोभायात्रा में मुंबई का ढोल-ताशा दल, 11 बैंड, 21 मालवी ढोल, 51 अश्व, ऊंट एवं ऊंटगाड़ियां, 1100 कलश धारण किए हुए महिला श्रद्धालु, बटुक, वीर-वीरांगनाएं एवं एक दर्जन से अधिक आकर्षक झांकियां शामिल होंगी। तोपों से पुष्पवर्षा तथा पूरे मार्ग पर रंगीन कारपेट विशेष आकर्षण रहेगा।
दशहरा मैदान स्थित ढाबेश्वर महादेव से प्रारंभ होकर वेदपीठ तक पहुंचने वाली शोभायात्रा के स्वागत की तैयारियां नगर के धार्मिक, सामाजिक, राजनीतिक एवं व्यावसायिक संगठनों द्वारा पूरी कर ली गई हैं।
*1 जुलाई से प्रारंभ होगी अष्टदिवसीय शिवलिंग महापुराण कथा*
महाकुंभ के अंतर्गत भानपुरा पीठ के शंकराचार्य स्वामी ज्ञानानंद तीर्थ के मुखारविंद से भगवान शिव के लिंग स्वरूप एवं पंचावतारों पर आधारित अष्टदिवसीय शिवलिंग महापुराण कथा का रसपान श्रद्धालुओं को प्राप्त होगा।
*4 जुलाई से होगा 51 कुण्डीय श्री अतिरुद्र महायज्ञ*
4 जुलाई से प्रारंभ होने वाले पंचदिवसीय 51 कुण्डीय श्री अतिरुद्र महायज्ञ में 1500 यजमान युगलों की भागीदारी का लक्ष्य रखा गया है, जिसके लिए पंजीयन भी प्रारंभ हो चुका है। यज्ञशाला में द्वादश ज्योतिर्लिंगों के दिव्य दर्शन श्रद्धालुओं को प्राप्त होंगे। इसके अतिरिक्त 111 शिवलिंग महापुराण पारायण एवं भगवान शिव के पंचाक्षरी मंत्र के पांच करोड़ जाप का संकल्प भी पूर्णता की ओर अग्रसर है।
*8 जुलाई को होंगे ठाकुरजी के दिव्य दर्शन एवं मातृ-पितृ पूजन*
महाकुंभ के अंतिम दिवस आषाढ़ कृष्ण अष्टमी पर अतिरुद्र महायज्ञ की पूर्णाहुति, कथा विश्राम, ध्वजारोहण एवं मातृ-पितृ पूजन समारोह आयोजित होगा। दोपहर 12:32 बजे शंखनाद के साथ ठाकुरजी के दिव्य दर्शन होंगे, जिनके लिए मेवाड़, मालवा, हाड़ौती, मारवाड़, वागड़, गुजरात सहित देशभर से हजारों श्रद्धालुओं के पहुंचने की संभावना है।
वेदपीठ पदाधिकारियों ने विश्वास व्यक्त किया कि कल्याण नगरीवासियों के अनुकरणीय सहयोग एवं वेदपीठ की व्यापक तैयारियों के बल पर 21वां कल्याण महाकुंभ धार्मिक एवं सांस्कृतिक इतिहास में एक नया अध्याय जोड़ेगा। महाकुंभ के दौरान सुंदरकांड पाठ, छह दिवसीय भजन संध्याएं तथा एक राष्ट्रीय कवि सम्मेलन भी आयोजित किया जाएगा।
