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40 दिन भीलवाड़ा प्रवास के बाद कल पुनः जन्मभूमि पीथास में जैन मुनि

जैन मुनियों के सानिध्य में पीथास में 18 को होगा 157वां मर्यादा महोत्सव ।

बागोर :- विष्णु विवेक शर्मा जैन मुनि कुलदीप कुमार व मुनि मुकुल कुमार दोनो ही 40 दिन भीलवाड़ा में सफल प्रवास कर 10 फ़रवरी को पुनः अपनी जन्मभूमि पीथास पधारेगे। जैन मुनियों का 9 को भीलवाड़ा से कोटड़ी होते हुए 10 फरवरी को पीथास पधारने का भाव हैं। दोनो जी मुनियों के सानिध्य में 18 फरवरी को पीथास में मर्यादा महोत्सव का आयोजन किया जायेगा । इस मर्यादा महोत्सव में जिले सहित पीथास के आसपास के गांवों के जैन श्रावक परिवार की विशाल उपस्थिति भी होंगी । वही पीथास के सभी ग्रामवासी अपने गांव के जन्मेजाए लाडले को संत के भेष मे देखने को आतुर हैं तथा उनकी अमृतवाणी को श्रवण करने को लेकर भी लालायित हैं। जैन समाज के अलावा पीथास के अन्य सभी ग्रामवासी भी अपने लाडले संत की अगवानी करने के लिए आतुर हैं । 18 फरवरी को आयोजित मर्यादा महोत्सव के आयोजन को सफल बनाने के लिए समूचा पीथास गांव एकजुट होकर तैयारियाँ करने में जुटा हुआ हैं। वैसे इस 157वें मर्यादा महोत्सव का मुख्य कार्यक्रम आचार्य श्री महाश्रमण के सानिध्य में रायपुर (छत्तीसगढ़) मे आयोजित होगा ।
पीथास के रतन लाल काल्या ने बताया की पीथास के जन्मे जाए मुनि मुकुल कुमार ने 10 वर्ष की छोटी अवस्था में ही आपने संयम पथ को आचार्य श्री महाप्रज्ञ के सानिध्य में संवत 2054 कार्तिक शुक्ल पंचमी 5 नवम्बर 1997 को स्वीकार करते हुए मुमुक्षु मुकेश काल्या से मुनि मुकुल कुमार बने जो 23 वर्षों में राजस्थान, पंजाब, मध्यप्रदेश, हरियाणा, दिल्ली की यात्रा सम्पन्न कर कल पुनः पीथास पधार रहें हैं । जिनके सानिध्य में यहां भी 18 फरवरी को मर्यादा महोत्सव आयोजित होगा ।

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