भरतपुर | स्मार्ट हलचल |राजमेस के अधीन संचालित 7 चिकित्सा महाविद्यालयों एवं नर्सिंग महाविद्यालयों में विभिन्न संवर्ग के स्वीकृत 1267 नियमित पदों को अचानक समाप्त करने के आदेश से नर्सेज कर्मचारियों में भारी आक्रोश व्याप्त है। इस मनमाने आदेश के विरोध में सोमवार को नर्सेज एसोसिएशन ने जिला संयोजक सत्यवीर सोगरवाल के नेतृत्व में मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी (CMHO) गौरव कपूर को एक ज्ञापन सौंपा।
भरतपुर के RBM अस्पताल पर पड़ेगा सीधा असर
नर्सेज संगठन ने चिंता जताते हुए कहा कि राजमेस द्वारा श्रीजगन्नाथ पहाड़िया मेडिकल कॉलेज, भरतपुर में नर्सिंग ऑफिसर के 91 पद समाप्त किए गए हैं। संभाग के सबसे बड़े आरबीएम (RBM) चिकित्सालय एवं जनाना अस्पताल में पहले से ही नर्सिंग कर्मियों का भारी टोटा चल रहा है। ऐसे में इन 91 नियमित पदों के विलोपित होने से यहां व्यवस्थाएं पूरी तरह चरमरा जाएंगी और मरीजों के इलाज पर इसका सीधा और विपरीत प्रभाव पड़ेगा।
वर्तमान में आरबीएम चिकित्सालय में एक नई बिल्डिंग भी निर्माणाधीन है। इस नई बिल्डिंग के चालू होने पर अतिरिक्त चिकित्सा कर्मियों की आवश्यकता होगी, लेकिन इसके उलट पदों को कम किया जा रहा है, जिससे स्वास्थ्य सुविधाओं पर गहरा संकट मंडरा रहा है।
नर्सेज संगठन ने मुख्यमंत्री और चिकित्सा मंत्री से मांग की है कि चिकित्सा व्यवस्था को सुचारू बनाए रखने और कर्मचारियों के हितों की रक्षा के लिए इन पदों पर कार्यरत नर्सेज कर्मियों के लिए पुनः नए पद सृजित किए जाएं, जिससे कार्मिकों को यथास्थान पदस्थापित रखा जा सके।
ज्ञापन सौंपने के दौरान राहुल श्रीवास्तव, रतनसिंह, रामनरेश, अरविंद कुमार, लोकेंद्र, महेंद्र सिंह, खेम सिंह और राजकुमारी सहित कई नर्सिंग ऑफिसर उपस्थित रहे। नर्सेज को उम्मीद है कि 8 अप्रैल की समीक्षा बैठक में सरकार उनके पक्ष में सकारात्मक निर्णय लेगी।
