2 बाल विवाह बालिकाएं आश्रय गृह में भेजी गई।
बूंदी- स्मार्ट हलचल|जिले में बाल विवाह रोकथाम को लेकर प्रशासन एवं चाइल्डलाइन टीम द्वारा लगातार सख्त कार्रवाई की जा रही है। विभिन्न क्षेत्रों से प्राप्त सूचनाओं के आधार पर न्यायिक मजिस्ट्रेट द्वारा चार निषेधाज्ञाएं जारी कर प्रस्तावित बाल विवाहों को रुकवाया गया।
सदर थाना क्षेत्र में दो नाबालिग बालिकाओं (उम्र 16 वर्ष एवं 17 वर्ष) का विवाह क्रमशः 15 वर्ष एवं 21 वर्ष के युवकों के साथ किया जा रहा था। इस पर तहसीलदार श्री अर्जुन मीणा द्वारा त्वरित कार्रवाई करते हुए संबंधित न्यायिक मजिस्ट्रेट से निषेधाज्ञा जारी करवाई गई, जिससे दोनों बाल विवाह रुकवाए गए। दोनों बालिकाएं कक्षा 11वीं एवं 12वीं की छात्राएं हैं, जबकि एक बालक कक्षा 10वीं का विद्यार्थी है।
इसी प्रकार, बूंदी के एक अन्य क्षेत्र में कक्षा 10वीं की एक नाबालिग बालिका का विवाह 28 वर्षीय युवक के साथ किया जा रहा था, जिस पर भी न्यायिक मजिस्ट्रेट द्वारा निषेधाज्ञा जारी कर रोक लगाई गई। इस कार्रवाई में चाइल्डलाइन के कार्मिक रवि कुमार की महत्वपूर्ण भूमिका रही।
दबलाना थाना क्षेत्र में भी 1098 चाइल्ड हेल्पलाइन पर प्राप्त सूचना के आधार पर एक 16 वर्षीय बालिका एवं एक 8 वर्षीय बालिका के प्रस्तावित बाल विवाह की जानकारी सामने आई। इस गंभीर मामले में चाइल्डलाइन के कोऑर्डिनेटर रामनारायण एवं अर्चना द्वारा बालिकाओं को रेस्क्यू कर विधिक प्रक्रिया के तहत निषेधाज्ञा जारी करवाने की कार्रवाई की जा रही है।
प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि बाल विवाह प्रतिषेध अधिनियम के तहत ऐसे मामलों में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी तथा दोषियों के विरुद्ध कठोर कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।
