( महेन्द्र नागौरी)
टूटे शौचालय, गंदगी से अटे पेशाबघर और सूखे पौधे—जिम्मेदारों की अनदेखी उजागर
भीलवाड़ा|स्मार्ट हलचल|प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के स्वच्छ भारत अभियान को भीलवाड़ा कलेक्ट्रेट परिसर में ही पलीता लगाया जा रहा है। जिले के सबसे महत्वपूर्ण प्रशासनिक केंद्र में स्वच्छता व्यवस्था पूरी तरह ध्वस्त नजर आ रही है, जिससे सरकारी दावों की सच्चाई उजागर हो रही है।
परिसर में बने शौचालयों की हालत बेहद खराब है। कहीं सीटें टूटी पड़ी हैं तो कहीं गंदगी का अंबार लगा हुआ है। पेशाबघर भी साफ-सफाई के अभाव में बदहाल हैं—दीवारों पर जमी गंदगी, फर्श पर फैला गंदा पानी और उठती बदबू आमजन के लिए परेशानी का कारण बनी हुई है।
इतना ही नहीं, परिसर में रखे गमलों में पौधे पानी के अभाव में सूख चुके हैं, जो रखरखाव की गंभीर लापरवाही को दर्शाते हैं। चौंकाने वाली बात यह है कि यह स्थिति जिला कलेक्टर के कार्यालय के नीचे ही बनी हुई है, इसके बावजूद जिम्मेदार अधिकारी बेखबर बने हुए हैं।
स्वच्छता के नाम पर बड़े-बड़े दावे करने वाला प्रशासन अपने ही मुख्यालय में व्यवस्था बनाए रखने में नाकाम साबित हो रहा है। यदि कलेक्ट्रेट परिसर का यह हाल है, तो शहर के अन्य हिस्सों की स्थिति का सहज अंदाजा लगाया जा सकता है।
अब सवाल यह है कि क्या जिम्मेदार अधिकारी इस ओर ध्यान देंगे या स्वच्छता अभियान यूं ही कागजों तक सीमित रहेगा।
