आईएफएस–पुलिस संवाद,समन्वय से सुदृढ़ होगा प्रशासन — डीजीपी

जयपुर, 23 अप्रैल। स्मार्ट हलचल|राजस्थान कैडर के वर्ष 2024 बैच के भारतीय वन सेवा के 7 प्रोबेशनर्स ​ऑफिसर्स के एक दल ने गुरुवार को पुलिस मुख्यालय में पुलिस महानिदेशक श्री राजीव कुमार शर्मा और वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों के साथ एक महत्वपूर्ण संवाद सत्र में भाग लिया। यह संवाद न केवल प्रशिक्षण का अहम हिस्सा रहा, बल्कि वन विभाग और पुलिस के बीच समन्वय को नई दिशा देने वाला साबित हुआ।संवाद के दौरान डीजीपी श्री शर्मा ने वन संरक्षण से जुड़े कानूनों, वनों में होने वाले अपराधों, नवीन आपराधिक कानूनों तथा कानून-व्यवस्था की व्यापक चुनौतियों पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने स्पष्ट किया कि वन विभाग और पुलिस के बीच मजबूत तालमेल पर्यावरण संरक्षण को सुदृढ़ करने के साथ-साथ अवैध खनन, वन भूमि पर अतिक्रमण और वन्यजीव अपराध जैसे संवेदनशील मामलों में प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित करता है।

बैठक में अधिकारियों को पुलिस तंत्र की कार्यप्रणाली, कानून-व्यवस्था बनाए रखने की रणनीतियों और अपराध नियंत्रण के व्यावहारिक पहलुओं की विस्तृत जानकारी दी गई। वहीं, आईएफएस प्रोबेशनर्स ने वन संरक्षण, जैव विविधता और पर्यावरणीय चुनौतियों से जुड़े अपने अनुभव साझा करते हुए बताया कि इन मुद्दों पर बहु-विभागीय सहयोग अत्यंत आवश्यक है।

इस अवसर पर यह विशेष रूप से रेखांकित किया गया कि दोनों सेवाओं के बीच निरंतर संवाद और सूचनाओं के आदान-प्रदान से प्रशासनिक दक्षता में उल्लेखनीय वृद्धि हो सकती है। जमीनी स्तर पर संयुक्त कार्रवाई से न केवल अपराधों पर प्रभावी नियंत्रण संभव है, बल्कि संसाधनों की सुरक्षा और बेहतर परिणाम भी सुनिश्चित किए जा सकते हैं।

*पुलिस—प्रशासन के साथ समन्वय जरूरी :*

डीजीपी श्री शर्मा ने प्रोबेशनर्स को अपने-अपने कार्यक्षेत्र में पुलिस के साथ सतत समन्वय बनाए रखने की सलाह दी, ताकि स्थानीय स्तर पर समस्याओं का त्वरित और प्रभावी समाधान हो सके। प्रधान मुख्य वन संरक्षक (विकास) शिखा मेहरा के नेतृत्व में पहुंचे आईएफएस अधिकारियों ने भी साझा जिम्मेदारियों वाले क्षेत्रों में मिलकर कार्य करने की आवश्यकता पर सहमति जताई।

इस संवाद में पुलिस मुख्यालय से डीजी संजय अग्रवाल, अनिल पालीवाल, एडीजी वी.के. सिंह, बिपिन पाण्डे, हवासिंह घुमरिया, एस. सेंगाथिर, रूपिंदर सिंघ और डीआईजी कुंवर राष्ट्रदीप सहित कई वरिष्ठ पुलिस अधिकारी मौजूद रहे।