गुरला:-स्मार्ट हलचल|भीलवाड़ा निवासी एवं पब्लिक पावर एंड अवेयरनेस सोसायटी के अध्यक्ष श्री गोटू सिंह राजपूत द्वारा जिला कलेक्टर एवं प्राधिकृत अधिकारी, भीलवाड़ा के समक्ष उपभोक्ता संरक्षण अधिनियम, 2019 के अंतर्गत एक गंभीर शिकायत प्रस्तुत की गई है, जिसमें देशभर में संचालित हो रहे ऑनलाइन सट्टा, जुआ एवं भ्रामक विज्ञापन नेटवर्क का बड़ा खुलासा किया गया है।
शिकायत में बताया गया है कि कई वेबसाइट्स जैसे fairplay777, reddywin99, lotus365 आदि के माध्यम से आम उपभोक्ताओं को “PLAY IPL DAILY AND WIN UP TO 20 CRORE” जैसे लुभावने व झूठे वादों द्वारा गुमराह किया जा रहा है। इन प्लेटफॉर्म्स पर प्रतिदिन करोड़पति बनने के झूठे सपने दिखाकर लोगों को अवैध सट्टा गतिविधियों में फंसाया जा रहा है।
सबसे चिंताजनक तथ्य यह है कि इन भ्रामक विज्ञापनों में देश के प्रसिद्ध फिल्म कलाकार भी जुआ सट्टा के विज्ञापन करके आमजन के विश्वाश का फायदा उठा रहे हे! जिससे उपभोक्ता आसानी से इनके जाल में फंस जाते हैं।
शिकायत के अनुसार—
यह पूरा नेटवर्क अवैध ऑनलाइन जुआ/सट्टा गतिविधियों में संलिप्त है, जो भारतीय कानूनों के विरुद्ध है।
संबंधित कंपनियों के पास न तो वैध पंजीकरण है, न जीएसटी और न ही कोई अधिकृत बैंकिंग व्यवस्था।
डिजिटल प्लेटफॉर्म्स फेसबुक इंस्टाग्राम यूट्यूब आदि के माध्यम से बड़े स्तर पर भ्रामक प्रचार किया जा रहा है।
हजारों उपभोक्ता अपनी मेहनत की कमाई गंवा चुके हैं, जिससे आर्थिक व मानसिक नुकसान हो रहा है।
यह कृत्य उपभोक्ता संरक्षण अधिनियम 2019के तहत “भ्रामक विज्ञापन ” की श्रेणी में आता है, जो दंडनीय अपराध है।
*जिला प्रशासन से मांग*
शिकायतकर्ता ने जिला प्रशासन से मांग की है कि—
पूरे मामले की गंभीर जांच कराई जाए।
सभी भ्रामक विज्ञापनों एवं वेबसाइट्स को तुरंत बंद कराया जाए।
दोषी व्यक्तियों/कंपनियों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाए।
उपभोक्ताओं के हितों की रक्षा हेतु आवश्यक कदम उठाए जाएं।
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यह मामला केवल भीलवाड़ा ही नहीं बल्कि पूरे देश के उपभोक्ताओं से जुड़ा हुआ है, जहां डिजिटल माध्यम से संगठित तरीके से ठगी की जा रही है। यदि समय रहते सख्त कार्रवाई नहीं की गई तो यह समस्या और विकराल रूप ले सकती है।
*अभिनेताओं पर हो सकता हे 10-10 लाख तक का जुर्माना*
अधिवक्ता कु लक्ष्मी एवं मुकेश शर्मा ने बताया कि इस तरह के भ्रामक विज्ञापन करने, जिला कलेक्टर की जांच के आधार पर केंद्रीय उपभोक्ता संरक्षण अथोरिटी द्वारा प्रथम बार में 10 लाख रुपए तक का जुर्माना किया जा सकता हे!
