ऊकरूंद में सत्ती माता मंदिर पर भव्य जागरण आज, नवमी पर छप्पन भोग का आयोजन

नीरज मीणा

मंडावर (दौसा)। स्मार्ट हलचल/उपखंड क्षेत्र के समीप ग्राम पंचायत ऊकरूंद में नवमी के पावन अवसर पर स्थित सत्ती माता मंदिर पर आज भव्य धार्मिक आयोजन किया जाएगा। पूरे गांव में श्रद्धा और भक्ति का माहौल बना हुआ है।
ग्रामीणों के अनुसार, इस अवसर पर गांववासी मिलकर छप्पन प्रकार के मिष्ठान तैयार करेंगे और सत्ती माता को भोग अर्पित करेंगे। इसके साथ ही सुबह करीब 9 बजे से जागरण कार्यक्रम का आयोजन किया जाएगा, जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालु भाग लेंगे।
सत्ती माता से जुड़ी आस्था और परंपरा
ग्रामीणों द्वारा बताया जाता है कि सत्ती माता से जुड़ी यह कथा करीब 150 साल पुरानी है। मान्यता के अनुसार, सरावली गांव की एक कुंवारी लड़की हरि घास लेने ऊकरूंद आई थी। वहीं एक स्थानीय युवक भैंस चरा रहा था। घास के भरोटे को उठाने में मदद करते समय युवक को सांप ने डस लिया।
बताया जाता है कि लड़की अपने गांव सरावली पहुंची, लेकिन तुरंत वापस ऊकरूंद आई और श्मशान घाट पर ग्रामीणों को पूरी घटना बताई। इसके बाद उसने सत्ती होने का निर्णय लिया। ग्रामीणों के काफी समझाने के बावजूद वह नहीं मानी और अंततः युवक को गोद में लेकर सत्ती हो गई।
आज भी जीवित है आस्था
इस घटना के बाद से ही ऊकरूंद और सरावली गांव के लोग सत्ती माता को पूजते आ रहे हैं। दोनों गांवों के बीच गहरी धार्मिक आस्था जुड़ी हुई है। परंपरा के अनुसार, दोनों गांवों के बीच एक विशेष सामाजिक मर्यादा भी बनी हुई है, जिसके चलते आपसी वैवाहिक रिश्ते नहीं किए जाते।आज के इस भव्य आयोजन को लेकर गांव में उत्साह का माहौल है और श्रद्धालु सत्ती माता के दर्शन व भक्ति में लीन रहने को तैयार रहते हैं।