उनियारा/टोंक ।स्मार्ट हलचल|न्यायालय अतिरिक्त मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट उनियारा डॉ. सुरभि सिंह की अदालत ने चेक अनादरण (बाउंस) के एक मामले में महत्वपूर्ण फैसला सुनाते हुए आरोपी को दोषी करार दिया है। अदालत ने आरोपी बनवारी लाल मीणा पुत्र लखमाराम मीणा निवासी खेड़ली बालाजी तहसील अलीगढ़ जिला टोंक को एक वर्ष के साधारण कारावास एवं 11,00,000 (ग्यारह लाख रुपये) के अर्थदंड से दंडित किया है। साथ ही अर्थदंड अदा नहीं करने की स्थिति में एक माह का अतिरिक्त कारावास भुगतने का आदेश दिया गया है।
प्रकरण के अनुसार परिवादी लोकेश कुमार मीणा निवासी खेड़ली बालाजी, थाना अलीगढ़, जिला टोंक द्वारा प्रस्तुत परिवाद में बताया गया कि आरोपी द्वारा देय राशि के भुगतान हेतु दिया गया चेक बैंक में प्रस्तुत करने पर अनादरित (बाउंस) हो गया। नियमानुसार नोटिस देने के बावजूद आरोपी द्वारा निर्धारित अवधि में भुगतान नहीं किया गया, जिसके बाद मामला न्यायालय में विचाराधीन रहा। सुनवाई के दौरान प्रस्तुत साक्ष्यों एवं दस्तावेजों के आधार पर न्यायालय ने पाया कि आरोपी ने विधिक दायित्व के निर्वहन में लापरवाही बरती और चेक अनादरण का अपराध संदेह से परे सिद्ध हुआ। इस पर न्यायालय ने आरोपी को परक्राम्य लिखत अधिनियम की धारा 138 के तहत दोषी ठहराते हुए उक्त सजा सुनाई। अदालत ने 17 अप्रैल 2026 को जारी आरोपी के दोषसिद्ध आदेश में यह भी स्पष्ट किया कि अर्थदंड की राशि में से परिवादी को क्षतिपूर्ति (मुआवजा) दिलाया जाएगा।साथ ही आरोपी द्वारा पूर्व में बिताई गई हिरासत अवधि को सजा में समायोजित करने तथा जमानत बांड निरस्त करने के निर्देश भी दिए गए हैं। यह निर्णय चेक बाउंस जैसे मामलों में समय पर भुगतान और कानूनी जिम्मेदारी निभाने के महत्व को रेखांकित करता है।
