दूनी में गौ माता को राष्ट्रमाता घोषित करने की मांगः सैकड़ों गोभक्तों ने जुलूस निकाला, राष्ट्रपति को ज्ञापन सौंपा

अविनाश मीणा

दूनी (टोंक)। स्मार्ट हलचल|देश में गौ माता को ‘राष्ट्रमाता’ का दर्जा दिलाने के लिए चल रहे आंदोलन की गूँज अब दूनी तहसील में भी सुनाई दे रही है। सोमवार को सैकड़ों गोभक्तों ने एकजुट होकर गौ माता को राष्ट्रीय माता घोषित करने की मांग को लेकर एक विशाल जुलूस निकाला।यह जुलूस माँ दुणजा मंदिर से शुरू होकर मुख्य बाजार होते हुए दूनी नगरपालिका कार्यालय तक पहुँचा। इसमें दूनी के नागरिक, गोसेवक, पूर्व सैनिक, मातृशक्ति और युवा शक्ति सहित सैकड़ों लोग शामिल हुए। प्रदर्शनकारियों ने गौ माता की झांकियों और नारों के साथ ‘गौ माता को राष्ट्रमाता का दर्जा दो’ की मांग की। दूनी नगरपालिका क्षेत्र के व्यापारियों ने भी आंदोलन का समर्थन करते हुए अपने प्रतिष्ठान बंद रखे।

जुलूस के बाद, एक प्रतिनिधिमंडल ने दूनी तहसीलदार विनोद शर्मा को राष्ट्रपति, राज्यपाल और राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के नाम एक सामूहिक ज्ञापन सौंपा।

इस आंदोलन में सर्वजीव दया गोसेवा पर्यावरण संरक्षण ट्रस्ट गौशाला दूनी, आजाद हिन्द खेडेश्वर महादेव गौशाला घाड़, भगतसिंह गोशाला बथंली, बालाजी गोशाला चारनेंट कोटडा, श्री देवनारायण गोशाला चन्दवाड़, नुनपुरा, चांदसिंहपुरा और ठिकरियाकलां सहित क्षेत्र की कई प्रमुख गौशालाओं के संचालक, सेवादार और विभिन्न सामाजिक-धार्मिक संस्थाओं के कार्यकर्ता शामिल हुए।

ज्ञापन के माध्यम से गोभक्तों ने तीन प्रमुख मांगें रखीं। पहली, गौ माता को अविलंब ‘राष्ट्रमाता’ का संवैधानिक दर्जा दिया जाए। दूसरी, गौ संरक्षण के लिए कड़े कानून बनाए जाएं ताकि गौ हत्या पर रोक लग सके। तीसरी, गौशालाओं की स्थिति में सुधार के लिए सरकार एक विशेष पैकेज की घोषणा करे।

शिक्षाविद् एवं जनसेवक डॉ. शिवजीलाल चौधरी सरोली ने कहा, “गाय केवल एक पशु नहीं, बल्कि भारतीय संस्कृति और अर्थव्यवस्था की आधारशिला है। इसे राष्ट्रमाता का सम्मान मिलना ही चाहिए।”

इस विशाल प्रदर्शन ने प्रशासन और सरकार तक यह स्पष्ट संदेश पहुँचाया कि क्षेत्र का जनमानस गौ माता के सम्मान और संरक्षण के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है।