( महेन्द्र नागौरी)
जिला सड़क सुरक्षा समिति की बैठक में बड़े फैसले, ब्लैक स्पॉट सुधार से लेकर गुड सेमेरिटन योजना के प्रचार पर जोर
भीलवाड़ा
स्मार्ट हलचल|भीलवाड़ा में सड़क सुरक्षा को लेकर प्रशासन ने सख्त रुख अपनाया है। सोमवार को जिला कलेक्टर की अध्यक्षता में आयोजित जिला सड़क सुरक्षा समिति की बैठक में कई अहम निर्णय लिए गए, जिनका उद्देश्य दुर्घटनाओं में कमी लाना और यातायात व्यवस्था को बेहतर बनाना है।
बैठक में सदस्य सचिव एवं सार्वजनिक निर्माण विभाग के अधीक्षण अभियंता खेमचंद मीणा ने पिछली बैठक की अनुपालना रिपोर्ट प्रस्तुत की। इसके बाद नेशनल व स्टेट हाईवे पर बने अवैध कट और स्पीड ब्रेकर को हटाने के निर्देश दिए गए। साथ ही जिले में 65 शराब दुकानों की सूची तैयार कर अवैध संचालन पर कार्रवाई के निर्देश भी आबकारी विभाग को दिए गए।
शहरी क्षेत्र के 9 और राष्ट्रीय राजमार्गों के 23 ब्लैक स्पॉट का निरीक्षण कर सुधार कार्य कराने और भौतिक सत्यापन सुनिश्चित करने को कहा गया। प्रमुख चौराहों पर ट्रैफिक लाइट, जेब्रा क्रॉसिंग, रोड लाइनिंग और सौंदर्यीकरण के कार्य जल्द पूरे करने के निर्देश दिए गए।
यातायात नियमों के प्रति जागरूकता बढ़ाने के लिए ट्रैफिक पार्क में छात्र-छात्राओं और आमजन को प्रशिक्षण देने तथा 18 वर्ष से कम आयु के वाहन चालकों पर चालान और अभिभावकों को समझाइश देने की बात कही गई।
गुड सेमेरिटन योजना के प्रचार-प्रसार को लेकर व्यस्त चौराहों, रेलवे स्टेशन, बस स्टैंड और दुर्घटना संभावित स्थलों पर बैनर-पोस्टर लगाने और नुक्कड़ नाटकों के माध्यम से जागरूकता बढ़ाने के निर्देश दिए गए। इस योजना के तहत सड़क दुर्घटना में मदद करने वाले व्यक्ति को 25 हजार रुपए तक का प्रोत्साहन दिया जाता है।
नो पार्किंग में वाहन खड़े करने, गलत दिशा में वाहन चलाने, ओवरलोडिंग, बिना हेलमेट और शराब पीकर वाहन चलाने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई, चालान और लाइसेंस निलंबन के निर्देश जारी किए गए। साथ ही खनिज परिवहन और अन्य वाहनों पर रिफ्लेक्टर टेप लगाने पर भी जोर दिया गया।
बैठक में यातायात पुलिस की मांग पर हाइड्रोलिक क्रेन जल्द उपलब्ध कराने, सड़कों से निराश्रित पशुओं को हटाने, अतिक्रमण हटाकर चौराहों का सौंदर्यीकरण करने और ओवरलोड वाहनों के प्रवेश का समय निर्धारित करने जैसे महत्वपूर्ण निर्देश भी दिए गए।
निष्कर्ष:
प्रशासन के इन सख्त फैसलों से स्पष्ट है कि अब भीलवाड़ा में यातायात नियमों की अनदेखी करने वालों के लिए कोई रियायत नहीं होगी और सड़क सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाएगी।
