कौमी एकता और दीनी रूहानियत का संगम” — रोशन अली बावा साहब के 65 वें उर्स का शानदार आगाज़

*निंबाहेड़ा 29 अप्रैल,2026

स्मार्ट हलचल|रोशन अली बावा सेवा संस्थान रजि., सुभाष चौक सब्जी मंडी, निंबाहेड़ा के तत्वावधान में हज़रत रोशन अली बावा साहब रहमतुल्लाह अलैह के 65 वें सद्भावना उर्स मुबारक के अवसर पर आयोजित चार दिवसीय उर्स का आगाज़ मंगलवार रात्रि को अकीदत, एहतराम और रूहानी फिज़ा के बीच हुआ। पहले दिन का कार्यक्रम पूरी तरह दीनी रंग में रंगा नजर आया, जिसमें शहर के विभिन्न मदरसों के बच्चों द्वारा प्रभावशाली प्रतियोगिताएं (कम्पटीशन) आयोजित की गईं।

*तिलावते कुरआन से हुआ महफ़िल का आगाज़*
उर्स कमेटी के संयोजक मोहम्मद फारूख छीपा ने बताया कि महफ़िल की शुरुआत मौलानाओं द्वारा तिलावते कुरआन-ए-पाक से की गई, जिससे पूरा वातावरण नूरानी और इबादत से सराबोर हो गया।
संस्थान के अध्यक्ष सादिक हुसैन ने जानकारी दी कि इस मौके पर शहर के तमाम इमाम हज़रात एवं मदरसों के बच्चों ने नात-ए-पाक पेश कर हज़रत के दरबार में अपनी अकीदत का नजराना पेश किया।

*बच्चों ने दिखाया दीनी इल्म और हुनर*
कमेटी के सचिव मतलूब अजमेरी के अनुसार, इसके पश्चात मदरसों के बच्चों के बीच दीनी प्रतियोगिता आयोजित की गई, जिसमें कुल 8 मदरसों के बच्चों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया।
प्रतियोगिता में बच्चों ने:
तिलावत-ए-कुरआन
नात-ए-रसूल ﷺ
दीनी मालूमात पर सवाल-जवाब
के माध्यम से इस्लाम की बुनियादी शिक्षाओं को प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत किया।

*सवाल-जवाब के दौरान* बच्चों ने कलिमा, नमाज़, रोज़ा, ज़कात, हज्ज एवं अख़लाकियात जैसे अहम अरकान-ए-इस्लाम पर रोशनी डालते हुए अपने ज्ञान, समझ और प्रस्तुति कौशल का उत्कृष्ट परिचय दिया, जिसे उपस्थित जनसमूह ने सराहा।
उलमा-ए-किराम की मौजूदगी से बढ़ी रौनक
कार्यक्रम में शहर के प्रख्यात उलमा-ए-किराम एवं मुदर्रिस हज़रात की गरिमामयी उपस्थिति रही। प्रमुख रूप से मौलाना यूसुफ निज़ामी, हाफिज़ फारुख निज़ामी, मौलाना सरफराज़ मिस्बाही, मौलाना सादिक साहब, गुलाम यासीन साहब, कारी अयाज़ साहब, क़मर आलम साहब, ताज मोहम्मद साहब, हाफिज़ सईद साहब, हाफिज़ ज़ीशान साहब, हाफिज़ समीर साहब, कारी उस्मान साहब एवं जुनैद अत्तारी साहब शामिल रहे।
उलमा-ए-किराम ने बच्चों को दुआओं से नवाज़ते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की।

*बच्चों की हौसला अफज़ाई*
कार्यक्रम के समापन पर बच्चों की हौसला अफज़ाई हेतु समाजसेवियों द्वारा सम्मान किया गया।
मुबारक राणा एवं इरशाद मंसूरी की ओर से बच्चों को 38 वाटर केन भेंट किए गए, वहीं तालिब अहमद की जानिब से नकद नज़राना (लिफाफा) प्रदान किया गया।

*इन मदरसों के बच्चों ने लिया हिस्सा*
मदरसा अता-ए-रसूल, मदीना मस्जिद,मदरसा आला हज़रत, कमधज नगर,मदरसा गुलामाने रसूल, इशक्काबाद मस्जिद
मदरसा फैज़ाने मुस्तफा, इशक्काबाद,मदरसा फैज़ाने गरीब नवाज़,पुरानी ईदगाह मस्जिद जामिया तुल मदीना, नूर कॉलोनी
मदरसा फैज़ान-ए-काज़ी पिया, काज़ी मस्जिद
कच्ची बस्ती मदरसा आदि ने हिस्सा लिया।

*उर्स: भाईचारे और सूफी परंपरा का प्रतीक*
यह उर्स केवल एक धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि कौमी एकता, भाईचारे और सूफी परंपरा का जीवंत प्रतीक है। पूरे कार्यक्रम में अदब, तहज़ीब और मोहब्बत का पैगाम साफ तौर पर झलकता नजर आया।

“उर्स की ये रूहानी फिज़ा, बच्चों की मासूम आवाज़ और दीनी इल्म की चमक—निंबाहेड़ा की सरज़मीं पर एक यादगार शाम बन गई।”

*कार्यक्रम में गणमान्यजन की उपस्थिति*
इस अवसर पर संस्था के सदर सादिक हुसैन, नायब सदर जाकिर हुसैन, सचिव मतलूब अजमेरी, कोषाध्यक्ष अयाज खान सहित रफीक मेवाफरोश, साकिब छीपा, अब्दुल हमीद उर्फ भूरू मेव, नाहिद मौलाना, फिरोज गोरी, मोहसिन खान, नदीम खान, तालिब अहमद, तनवीर अली, साहिल, अब्दुल हक, फरमान खान, जमील खान उर्फ भाया बैट्री, हाजी अख्तर पटेल, भूरू भाई जागीरदार, इमरान खान, हाजी कल्लू बा, अनीस अहमद शेख, तनवीर मेव, भूरू शेख, अनवर पेंटर, आजाद गोरी, महबूब, हाजी गुलाम मुस्तफा मुल्तानी, असलम नियारगर सहित बड़ी संख्या में अकीदतमंद एवं गणमान्यजन उपस्थित रहे।