चित्तौड़गढ़, शनिवार।स्मार्ट हलचल|सी.पी. जोशी, सांसद चित्तौड़गढ़, ने वर्ष 2026-27 के राज्य बजट पर श्रीजी होटल में आयोजित प्रेसवार्ता में राज्य सरकार की घोषणाओं और उनके क्रियान्वयन को लेकर विस्तृत जानकारी दी।
उन्होंने कहा कि राज्य सरकार पर 6.67 लाख करोड़ रुपये का कर्ज होने के बावजूद 6.11 लाख करोड़ रुपये का बजट प्रस्तुत किया गया है, जो प्रदेश के इतिहास का अब तक का सबसे बड़ा बजट है। बजट की व्यवहारिकता पर उठ रहे सवालों के जवाब में जोशी ने स्पष्ट किया कि बजट घोषणाओं को धरातल पर उतारने के लिए दो महीने के भीतर विस्तृत परियोजना प्रतिवेदन (डीपीआर) तैयार करने के निर्देश दिए जा चुके हैं।
उन्होंने बताया कि विधानसभा में तीन दिन पहले पेश किए गए बजट में शहर और जिले से संबंधित घोषणाओं के लिए प्रशासन को दो माह के भीतर डीपीआर तैयार करने को कहा गया है, ताकि योजनाओं का शीघ्र क्रियान्वयन सुनिश्चित किया जा सके।
प्रेसवार्ता में सौर ऊर्जा के स्थान पर छोटे घरेलू विंड टर्बाइन से बिजली उत्पादन, सोलर पैनलों के अपशिष्ट के भविष्य में निस्तारण और पुनर्चक्रण, कार्बन उत्सर्जन तथा पीएम कुसुम योजना में कम दरों पर हुए गैर-लाभकारी टेंडरों के संबंध में भी प्रश्न पूछे गए। विशेष रूप से चित्तौड़गढ़ में 2.49 रुपये प्रति यूनिट की दर पर हुए पावर परचेज एग्रीमेंट (पीपीए) के बाद बैंकों द्वारा ऋण स्वीकृति में आ रही कठिनाइयों का मुद्दा उठाया गया। इस पर जोशी ने कहा कि विंड टर्बाइन आधारित बिजली उत्पादन के विकल्प पर विचार किया जाएगा और सोलर वेस्ट के निस्तारण को लेकर शोध कार्य जारी है। साथ ही कुसुम योजना में कम दरों से संबंधित फाइलों पर संज्ञान लिया गया है।
जोशी ने कहा कि यह बजट केंद्र की मोदी सरकार के ‘विकसित भारत’ संकल्प के अनुरूप ‘विकसित राजस्थान’ के लक्ष्य पर केंद्रित है। बजट में ग्रामीण विकास के लिए 3,359 करोड़ रुपये तथा कृषि एवं सिंचाई क्षेत्र को सशक्त बनाने के लिए 11,368 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। उन्होंने दावा किया कि बिजली क्षेत्र में राजस्थान आत्मनिर्भर बनने की दिशा में अग्रसर है और बजट में ‘विकसित चित्तौड़गढ़’ का लक्ष्य भी निहित है।
उन्होंने बताया कि जिले के लिए कई महत्वपूर्ण घोषणाएं की गई हैं। वर्षों से लंबित बायोलॉजिकल पार्क और गंभीरी रिवर फ्रंट जैसी मांगों को भी बजट में स्थान मिला है।
घोषणाओं के क्रियान्वयन पर उठे प्रश्नों के उत्तर में विधायक श्रीचंद कृपलानी ने कहा कि मुख्यमंत्री ने बजट के अगले ही दिन अधिकारियों की बैठक लेकर दो-तीन माह में सभी योजनाओं की डीपीआर तैयार करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने दावा किया कि पिछले दो बजटों की अधिकांश घोषणाओं पर कार्य प्रारंभ हो चुका है।
विधायक चंद्रभान सिंह आक्या ने कहा कि उनके विधानसभा क्षेत्र में पूर्व बजटों की घोषणाएं धरातल पर उतर रही हैं और कपासन चौराहा–मानपुरा बाइपास के टेंडर शीघ्र जारी होकर कार्य प्रारंभ होगा।
इस अवसर पर भाजपा प्रदेश उपाध्यक्ष अल्का मूंदड़ा, जिलाध्यक्ष रतनलाल गाडरी, महामंत्री हर्षवर्धन सिंह एवं रघु शर्मा, नगर मंडल अध्यक्ष गौरव त्यागी तथा अनिल ईनाणी सहित अन्य पदाधिकारी उपस्थित थे। कार्यक्रम का संचालन मीडिया प्रभारी मनोज पारीक ने किया।
दो माह में तैयार होंगी डीपीआर, 6.11 लाख करोड़ का बजट ‘विकसित राजस्थान’ की दिशा में निर्णायक: सी.पी. जोशी
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