29 शोध पत्र और पेटेंट के साथ बढ़ाया शहर का गौरव
मूलचन्द पेसवानी
स्मार्ट हलचल|शाहपुरा की प्रतिभाशाली बेटी एवं मुंबई यूनिवर्सिटी के वनस्पति विज्ञान विभाग की विभागाध्यक्ष डॉ. अर्चना कांटिया नारानिया को शैक्षणिक वर्ष 2025-26 के लिए “उत्कृष्ट शैक्षणिक प्रदर्शन” का प्रमाण पत्र प्रदान किया गया है। यह सम्मान वर्षांत बैठक के दौरान उन्हें दिया गया, जिसमें उनके उल्लेखनीय शैक्षणिक योगदान की सराहना की गई।इस अवसर पर डॉ. अर्चना कांटिया द्वारा लिखित तथा डॉ. शशिकला प्रजापति के सह-लेखन में तैयार पर्यावरण अध्ययन (म्टै) की नई पाठ्यपुस्तक का भी विधिवत विमोचन किया गया। इस पुस्तक का अनावरण प्राचार्य प्रो. विजय डी. मेंढुलकर द्वारा किया गया। यह पुस्तक विद्यार्थियों के लिए पर्यावरण विषय की समझ को सरल और प्रभावी बनाने में सहायक सिद्ध होगी।
डॉ. अर्चना कांटिया का शैक्षणिक सफर अत्यंत प्रेरणादायक रहा है। अब तक वे 29 शोध पत्र प्रकाशित कर चुकी हैं और हाल ही में एक पेटेंट भी दायर किया है, जो उनके शोध कार्य की गंभीरता और नवाचार को दर्शाता है। वे वनस्पति अनुसंधान और सतत विकास के क्षेत्र में लगातार नए आयाम स्थापित कर रही हैं।
राजस्थान विश्वविद्यालय, जयपुर से पीएचडी करने के बाद डॉ. अर्चना ने भाभा परमाणु अनुसंधान केंद्र, दिल्ली विश्वविद्यालय, कैम्ब्रिज विश्वविद्यालय और मुंबई विश्वविद्यालय जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों में अपनी सेवाएं दी हैं। उनके इस उत्कृष्ट कार्य से न केवल उनका परिवार बल्कि पूरा शाहपुरा क्षेत्र गौरवान्वित महसूस कर रहा है।
डॉ. अर्चना कांटिया स्वतंत्रता संग्राम सेनानी एवं मेवाड़ प्रजामंडल आंदोलन के संस्थापक सदस्य स्वर्गीय लक्ष्मी दत्त कांटिया की पौत्री हैं। उनके पिता जयप्रकाश कांटिया स्टेट बैंक ऑफ इंडिया में डीजीएम पद से सेवानिवृत्त हो चुके हैं तथा माता सरोज कांटिया गृहिणी हैं।
