दिलखुश मोटीस
सावर(अजमेर)@स्मार्ट हलचल|युवा साहित्यकार करन सिंह राठौड़ की प्रथम काव्य कृति ‘तुझसे मिलना है ज़िंदगी’ का रविवार को भव्य समारोह में लोकार्पण किया गया। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि विधायक शत्रुघ्न गौतम, कवि अशोक चारण, साहित्यकार विमला नागला सहित अन्य गणमान्य अतिथियों ने संयुक्त रूप से पुस्तक का विमोचन किया।
लोकार्पण समारोह के दौरान साहित्य क्षेत्र से जुड़ी प्रतिभाओं का सम्मान भी किया गया। विधायक शत्रुघ्न गौतम ने अपने संबोधन में कहा कि आज के समय में लोग जीवन को जीने की बजाय केवल उसे बिताने में लगे हैं, जबकि इस पुस्तक में जीवन के विभिन्न पहलुओं को गहराई से प्रस्तुत किया गया है। उन्होंने सभी से इस कृति को ध्यानपूर्वक पढ़ने का आग्रह किया।
साहित्यकार विमला नागला ने पुस्तक को संवेदनाओं से ओतप्रोत बताते हुए कहा कि करन सिंह की रचनाओं में जीवन को सार्थक रूप से जीने का संदेश निहित है। कवि अशोक चारण ने भी कृति की सराहना करते हुए इसे युवा रचनाकारों के लिए प्रेरणादायक बताया। उन्होंने कहा कि कवि बनना महत्वपूर्ण है, लेकिन कवि बने रहना उससे भी अधिक चुनौतीपूर्ण है।
लेखक करन सिंह राठौड़ ने अपनी रचनात्मक यात्रा साझा करते हुए बताया कि उन्होंने समाज में देखे गए अनुभवों को शब्दों में पिरोने का प्रयास किया है। इस अवसर पर राजपूत समाज की ओर से भंवर सिंह राठौड़ ने इसे पूरे क्षेत्र और समाज के लिए गौरव का विषय बताया।
कवि देवकरण मेघवंशी ने शुभकामनाएं प्रेषित कीं, वहीं हिन्दी प्रोफेसर आनन्द पाराशर ने करन सिंह की रचनाओं में भावनात्मक गहराई की सराहना करते हुए विशेष रूप से ‘तुम गाँव का रास्ता कैसे भूल गए’ कविता का उल्लेख किया, जिसमें अपनों को खोने के दर्द की मार्मिक अभिव्यक्ति झलकती है।
कार्यक्रम में केकड़ी पंचायत समिति के पूर्व प्रधान एवं वरिष्ठ भाजपा नेता भूपेंद्र सिंह शक्तावत सहित लक्ष्मण सिंह राठौड़, जसवंत सिंह डोराई, बहादुर सिंह, महेंद्र सिंह ढोस, होनहार सिंह राठौड़, पृथ्वीराज सिंह, गोपाल सिंह कादेड़ा, अंबिका चरण सिंह, भगवत सिंह गोयला, रामेश्वर शर्मा, महावीर प्रसाद धाकड़, सत्यनारायण गुर्जर, गिरधारी चौधरी, धनराज चौधरी सहित अनेक गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे। आसपास के गांवों से सैकड़ों लोगों ने भागीदारी निभाई।
कार्यक्रम का संचालन रणजीत सिंह केशावत एवं प्रभुलाल बादल ने किया, जबकि अंत में करन सिंह के पिता नारायण सिंह राठौड़ ने सभी का आभार व्यक्त किया।
