भीलवाड़ा|स्मार्ट हलचल|नगर विकास न्यास (UIT) में लंबे समय से चल रहे जमीन आवंटन के विवादों के बीच राज्य सरकार ने बड़ा एक्शन लेते हुए सचिव ललित गोयल को एपीओ (Awaiting Posting Orders) कर दिया है। इस कार्रवाई के बाद UIT दफ्तर में हड़कंप मच गया है और पूरे मामले ने तूल पकड़ लिया है।
सूत्रों के अनुसार, करोड़ों रुपये की जमीनों के संदिग्ध आवंटन, फाइलों में हेरफेर और भू-माफियाओं से कथित गठजोड़ की लगातार मिल रही शिकायतों के बाद सरकार ने सख्त रुख अपनाया है। कई मामलों में नियमों को दरकिनार कर भूखंड आवंटन किए जाने की चर्चाएं लंबे समय से उठ रही थीं, जिन पर अब कार्रवाई की गाज गिरी है।
बताया जा रहा है कि सरकार इस मामले की जांच का दायरा और बढ़ा सकती है। फाइलों की स्क्रूटनी, पुराने आवंटनों की जांच और संबंधित अधिकारियों की भूमिका खंगाली जा रही है। ऐसे में आने वाले दिनों में और अधिकारियों पर भी कार्रवाई की तलवार लटक रही है—क्या अब और “विकेट” गिरेंगे?
इस कार्रवाई के बाद UIT कार्यालय में अफसरों और कर्मचारियों में खलबली मच गई है। कई फाइलें खंगाली जा रही हैं और रिकॉर्ड खंगालने का दौर शुरू हो गया है।
जनता का सवाल—इतनी देर क्यों?
शहरवासियों में इस कार्रवाई को लेकर मिली-जुली प्रतिक्रिया देखने को मिल रही है। आमजन का कहना है कि सरकार ने कदम तो सही उठाया, लेकिन बहुत देर से—अगर पहले सख्ती होती तो करोड़ों की जमीनों का खेल रोका जा सकता था?
अब नजरें इस बात पर टिकी हैं कि क्या यह कार्रवाई सिर्फ एक शुरुआत है या फिर पूरे नेटवर्क पर बड़ा शिकंजा कसने की तैयारी? भीलवाड़ा UIT में आगे और क्या खुलासे होंगे—इसका इंतजार हर किसी को है।
