सार्वजनिक हैंडपंप पर कब्जा, मोटर लगाकर निजी उपयोग—ग्रामीण परेशान, पंचायत बनी मूकदर्शक

अलकेश पारीक

स्मार्ट हलचल|ग्राम पंचायत बाकरा के राजस्व गांव उरणा में सार्वजनिक संसाधनों पर कब्जे का गंभीर मामला सामने आया है। यहां एक दबंग परिवार ने सरकारी हैंडपंप पर अवैध कब्जा कर उसमें विद्युत मोटर लगाकर उसे निजी उपयोग में ले लिया है, जिससे मोहल्ले के ग्रामीणों को पेयजल संकट का सामना करना पड़ रहा है।
ग्रामीणों का आरोप है कि यह हैंडपंप पूरे मोहल्ले के लिए एकमात्र जल स्रोत था, लेकिन अब उस पर कब्जा होने से आमजन पानी के लिए भटकने को मजबूर हैं। महिलाओं और बुजुर्गों को सबसे ज्यादा परेशानी झेलनी पड़ रही है।
इस मामले को लेकर ग्रामीणों ने ग्राम पंचायत में लिखित शिकायत भी दी, लेकिन एक माह बीत जाने के बावजूद कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। पंचायत की निष्क्रियता को लेकर ग्रामीणों में आक्रोश बढ़ता जा रहा है।
ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि सार्वजनिक हैंडपंप को कब्जे से मुक्त कराकर आमजन के लिए सुचारू रूप से चालू कराया जाए तथा दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए।