किसान के साथ हैवानियत की हद पार: गौशाला के नाम पर अपहरण, बेरहमी से पिटाई और लूट के आरोप

भीलवाड़ा । भीलवाड़ा जिले से एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जहां एक किसान के साथ कथित रूप से गौशाला से जुड़े लोगों द्वारा अपहरण, मारपीट और लूटपाट की गंभीर वारदात को अंजाम दिया गया। इस घटना ने जिले की कानून व्यवस्था पर कई सवाल खड़े कर दिए हैं।

क्या है पूरा मामला?
भामाखेड़ा गांव निवासी किसान माधव लाल खारोल ने आरोप लगाया है कि वे बांसड़ा गांव से खेती के कार्य के लिए बैल लेकर लौट रहे थे। इसी दौरान बांसड़ा स्थित गौशाला से जुड़े कुछ लोगों ने उन्हें रोक लिया और पूछताछ शुरू कर दी। किसान के अनुसार, उन्होंने बैलों के सभी कागजात दिखाए और मालिक को मौके पर बुलाया, इसके बावजूद विवाद शांत नहीं हुआ।

15–20 युवकों द्वारा मारपीट का आरोप
पीड़ित का कहना है कि आरोपियों ने बैल मालिक को वहां से भगा दिया और कुछ ही देर में 15–20 युवक मौके पर बुला लिए। इसके बाद उनके साथ बेरहमी से मारपीट की गई।

कई स्थानों पर ले जाकर की पिटाई
किसान ने आरोप लगाया कि उन्हें जबरन वाहन में डालकर अलग-अलग गौशालाओं में ले जाया गया, जहां उनके साथ बार-बार मारपीट की गई। अंत में उन्हें बांसड़ा गांव के पास छोड़ दिया गया।

मोबाइल और नकदी छीनने का भी आरोप
पीड़ित के अनुसार, इस दौरान उनका मोबाइल फोन और नकदी भी छीन ली गई।

थाने में भी देरी का आरोप
घटना के बाद पीड़ित बागोर थाने पहुंचे, जहां उन्होंने रिपोर्ट दर्ज कराने की कोशिश की। उनका आरोप है कि पुलिस ने तत्काल रिपोर्ट दर्ज नहीं की और सुबह आने के लिए कहा।

डराने-धमकाने की कोशिश
पीड़ित ने यह भी दावा किया कि आरोपियों ने उनका पीछा किया और रास्ते में रोकने की कोशिश की, जिससे उनमें भय का माहौल बना हुआ है।

बड़े सवाल खड़े
इस घटना के बाद कई गंभीर सवाल उठ रहे हैं—क्या गौशाला के नाम पर कानून हाथ में लिया जा रहा है? क्या पुलिस की देरी आरोपियों को राहत देने का संकेत है?

न्याय की मांग

पीड़ित माधव लाल खारोल ने दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई और न्याय की मांग की है। फिलहाल, पुलिस की ओर से इस मामले में आधिकारिक प्रतिक्रिया का इंतजार है।