भीलवाड़ा ।स्मार्ट हलचल|कर्ज का मकड़जाल और सूदखोरों की लगातार प्रताड़ना ने एक और हंसते-खेलते इंसान की जान ले ली है। जोधपुर के एक नर्सिंग कॉलेज में मैनेजमेंट का कार्य देखने वाले 51 वर्षीय सूर्य प्रकाश दाधीच ने सूदखोरों की धमकियों और मानसिक प्रताड़ना से टूटकर अपनी जीवन लीला समाप्त कर ली। मृतक ने आरके कॉलोनी पार्क में विषाक्त पदार्थ का सेवन कर खौफनाक कदम उठाया।मौत को गले लगाने से ठीक पहले भीलवाड़ा के सुभाष नगर थाना क्षेत्र निवासी सूर्य प्रकाश पुत्र वल्लभ दाधीच ने एक दिल दहला देने वाला वीडियो रिकॉर्ड किया, जिससे जाहिर है कि किस तरह समाज में सूदखोरों का आतंक बेखौफ जारी है।
अपने आखिरी वीडियो में सूर्य प्रकाश बेहद हताश और बेबस नजर आ रहे हैं। मौत से पहले उन्होंने अपने परिचित ‘भरत’ को संबोधित करते हुए यह वीडियो बनाया। वीडियो में उन्होंने स्पष्ट कहा है- “भरत यह वीडियो तेरे लिए है, पुलिस वाले को भी दिखाना। मेरे परिवार को कोई परेशान नहीं करे। मेरा पोस्टमार्टम न करवाएं और मेरा अंतिम संस्कार भीलवाड़ा में ही किया जाए।
वीडियो में मृतक ने सूदखोरों के काले सच को उजागर करते हुए बताया कि कैसे ये लोग इंसानियत को ताक पर रखकर खून चूसते हैं। सूर्य प्रकाश ने कहा, “जो मेरे मांगने वाले हैं, उन्होंने मेरे से ब्याज के रूप में काफी गुना पैसा ले लिया है। अब मेरे में कोई कुछ नहीं मांगता है।” यह बयान साफ चीख-चीख कर कह रहा है कि मूल रकम से कई गुना ज्यादा पैसा वसूलने के बाद भी ब्लैकमेलिंग और वसूली का गंदा खेल जारी था, जिसने उन्हें मौत के मुंह में धकेल दिया ।
मरते दम तक एक पिता और परिवार के मुखिया की तड़प उनके शब्दों में साफ झलक रही थी। उन्होंने भरत से कहा कि “तू 12 दिन मेरे केशव के साथ रहना और केशव का ध्यान रखना। मेरे परिवार का ध्यान रखना, उन पर कोई आंच मत आने देना, इनकी रक्षा करना।”
क्या अब जागेगी पुलिस? सूर्य प्रकाश दाधीच की यह मौत सिर्फ एक आत्महत्या नहीं है, बल्कि सूदखोरों द्वारा किया गया ‘संस्थागत मर्डर’ है। आरके कॉलोनी पार्क में घटी यह घटना सिस्टम पर कई गंभीर सवाल खड़े करती है।
अब देखना यह है कि क्या पुलिस इस वीडियो को ‘डाइंग डिक्लेरेशन’ (मृत्यु पूर्व दिया गया बयान) मानकर उन खून चूसने वाले सूदखोरों की गिरेबान तक पहुंचती है, या फिर सूर्य प्रकाश की मौत भी फाइलों में दबकर रह जाएगी? पीड़ित परिवार अब न्याय और सुरक्षा की गुहार लगा रहा है। पुलिस को तुरंत इस मामले में सख्त और आक्रामक कार्रवाई करते हुए दोषियों को सलाखों के पीछे डालना चाहिए।
