(सुघर सिंह )
सैफई।स्मार्ट हलचल|विकासखंड सैफई के अंतर्गत आने वाले सभी परिषदीय विद्यालयों में मई माह के प्रथम बुधवार को विद्यालय प्रबंध समिति (एसएमसी) की मासिक बैठक का आयोजन किया गया। इस क्रम में कुल 134 विद्यालयों में बैठकें संपन्न हुईं, जिसमें एसएमसी के 11 अभिवावक सदस्य एवं अन्य नामित पदाधिकारियों सहित सभी सदस्यों ने सक्रिय भागीदारी निभाई।बैठकों में शिक्षा विभाग द्वारा पूर्व निर्धारित एजेंडा के विभिन्न बिंदुओं पर विस्तार से चर्चा की गई। विभाग की ओर से बैठक का एजेंडा एक दिन पूर्व सभी विद्यालयों द्वारा जारी किया गया था, ताकि सदस्यों की प्रभावी सहभागिता सुनिश्चित की जा सके।
चर्चा के प्रमुख विषयों में स्कूल चलो अभियान, बच्चों की नियमित उपस्थिति एवं ठहराव, डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर (डीबीटी) के लिए विद्यार्थियों का सत्यापन, जन्म प्रमाण पत्र बनवाने की प्रक्रिया तथा आधार पंजीकरण शामिल रहे। इसके साथ ही उल्लास कार्यक्रम के अंतर्गत निरक्षर व्यक्तियों के चिन्हांकन, दिव्यांग बच्चों की पहचान एवं उन्हें मिलने वाली सुविधाओं पर भी विशेष रूप से विचार-विमर्श किया गया।
विद्यालयों में शैक्षिक गुणबत्ता बढ़ाने के लिए उपलब्ध बुनियादी सुविधाओं, खेलकूद गतिविधियों, लर्निंग कॉर्नर तथा टीएलएम (शिक्षण-अधिगम सामग्री) के बेहतर उपयोग को लेकर भी विस्तार से चर्चा हुई। इसके अतिरिक्त बढ़ती गर्मी को देखते हुए हीट वेव से बचाव के उपाय, संचारी रोगों की रोकथाम तथा इको क्लब के माध्यम से पर्यावरण संरक्षण से जुड़ी गतिविधियों को प्रभावी ढंग से संचालित करने पर जोर दिया गया।
बैठक के दौरान यह भी जानकारी दी गई कि भारत सरकार द्वारा एसएमसी के कर्तव्यों एवं दायित्वों पर आधारित एक विशेष यूट्यूब सेशन का आयोजन दोपहर 3 बजे किया गया, जिसमें सभी सदस्यों को प्रतिभाग करने के निर्देश दिए गए।
बैठकों की अध्यक्षता संबंधित विद्यालयों के एसएमसी अध्यक्षों ने की, जबकि प्रधानाध्यापकों द्वारा सदस्यों को विभागीय योजनाओं, शैक्षिक कार्यक्रमों एवं शासन की नीतियों की विस्तृत जानकारी दी गई। इस व्यापक आयोजन में कुल लगभग 1500 एसएमसी सदस्यों की सहभागिता रही, जिससे विद्यालयों के समग्र विकास एवं शैक्षिक गुणवत्ता सुधार के प्रति सामूहिक जिम्मेदारी और प्रतिबद्धता स्पष्ट रूप से देखने को मिली।
