ब्यावर के अग्निवीर युवराज सिंह शहीद: जम्मू-कश्मीर के अखनूर सेक्टर में आतंकियों से मुठभेड़, राजकीय सम्मान के साथ होगा अंतिम संस्कार

अनिल कुमार

स्मार्ट हलचल|ब्यावर जिले के लगेतखेड़ा गांव निवासी युवराज सिंह (26) बुधवार को जम्मू-कश्मीर के अखनूर सेक्टर में आतंकियों से मुठभेड़ के दौरान शहीद हो गए। वे भारतीय सेना में अग्निवीर के रूप में तैनात थे। उनका शव गुरुवार तक आने की संभावना है।युवराज सिंह की शहादत की खबर मिलते ही पूरे गांव में शोक छा गया। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। सैकड़ों ग्रामीणशहीद के घर पहुंचकर परिवार को सांत्वना दे रहे हैं। उनके पिता प्रताप सिंह बीजेपी के मंडल अध्यक्ष रह चुके हैं।ग्रामीणों ने बताया कि युवराज सिंह बचपन से ही देश सेवा का जज्बा रखते थे। उन्होंने सेना में भर्ती होकर अपने सपने को साकार किया था। उनकी शहादत से क्षेत्र में गहरा दुख है।

शहीद युवराज सिंह का पार्थिव शरीर परसों गांव लाया जा सकता है। यहां पूरे राजकीय सम्मान के साथ उनका अंतिम संस्कार किया जाएगा। प्रशासनिक अधिकारी और जनप्रतिनिधि भी अंतिम दर्शन में शामिल हो सकते हैं।

4 महीने बाद होने वाले थे रिटायर्ड

शहीद के परिजनों ने बताया- युवराज सिंह 17 फरवरी 2022 भारतीय सेना में अग्निवीर के रूप में भर्ती हुए थे। वे चार महीने बाद रिटायर्ड होकर आने वाले थे। युवराज सिंह 15 फरवरी 2026 को एक महीने की छुट्टी पर गांव आए थे और 19 मार्च 2026 को पुनः ड्यूटी पर गये थे। इस दौरान उन्होंने बताया था कि अब केवल चार महीने की और ड्यूटी बची है। उनके एक छोटा भाई और बहन है।

परिजनों की एक दिन पहले हुई थी बात

परिजनों ने बताया कि युवराज ने 5 मई की रात ड्यूटी पर जाने से पहले फोन किया था। उसने पूरे परिवार के हाल-चाल भी पूछे थे। परिजनों ने बताया कि बुधवार सुबह 11 बजे फोन किया था, लेकिन फोन बंद आ रहा था।