सीएमएचओ कार्यालय में एसीबी की ट्रैप कार्यवाही-13 हजार की रिश्वत लेते संविदाकर्मी कंप्यूटर ऑपरेटर सोनू पंवार गिरफ्तार,

एसीबी एएसपी झाबर मल यादव के नेतृत्व में कार्रवाई-ड्रग कंट्रोल कार्यालय के अधिकारियों की भूमिका भी जांच के घेरे में

शिवराज बारवाल मीना

टोंक। स्मार्ट हलचल|ए.सी.बी. मुख्यालय जयपुर के निर्देश पर भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (एसीबी) टोंक इकाई ने गुरूवार देर शाम को बड़ी कार्रवाई करते हुए चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग के अधीन कार्यालय जिला खाद्य सुरक्षा एवं औषधि नियंत्रण टोंक में कार्यरत संविदाकर्मी कंप्यूटर ऑपरेटर सोनू पंवार को 13 हजार रुपये की रिश्वत लेते रंगे हाथ गिरफ्तार किया है।
भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो राजस्थान के महानिदेशक पुलिस गोविन्द गुप्ता ने बताया कि एसीबी टोंक को एक शिकायत प्राप्त हुई थी कि परिवादी द्वारा मेडिकल स्टोर लाइसेंस हेतु आवेदन किया गया था, लेकिन आरोपी सोनू पंवार रिश्वत की मांग कर उसे परेशान कर रहा था। एसीबी द्वारा शिकायत का सत्यापन करवाने पर सामने आया कि आरोपी ने पहले 15 हजार रुपये रिश्वत की मांग की थी। बाद में परिवादी द्वारा राशि कम करने की बात कहने पर 13 हजार रुपये में सौदा तय हुआ। नारायण टोगस, उप महानिरीक्षक पुलिस, अजमेर रेंज अजमेर के सुपरवीजन में एसीबी टोंक के अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक झाबर मल यादव के नेतृत्व में सहायक उप निरीक्षक आशिफ, हैड कांस्टेबल जुनेद, कांस्टेबल ईश्वर, राजकुमार, जलसिंह एवं अजीत की टीम द्वारा ट्रैप कार्रवाई की गई। कार्रवाई के दौरान आरोपी सोनू पंवार ने परिवादी से 13 हजार रूपये रिश्वत राशि अपने कार्यालय में प्राप्त कर गिनती की और अपनी पेंट की जेब में रख लिए।इसी दौरान एसीबी टीम को देखकर आरोपी ने रिश्वत की राशि जेब से निकालकर कार्यालय कक्ष के गेट के पास फर्श पर फेंक दी, जहां से एसीबी टीम ने राशि बरामद कर ली। इसके बाद आरोपी को मौके पर ही गिरफ्तार कर लिया गया। एसीबी की अतिरिक्त महानिदेशक पुलिस श्रीमती स्मिता श्रीवास्तव एवं महानिरीक्षक पुलिस श्रीमती एस. परिमाला के सुपरवीजन में आरोपी से पूछताछ एवं अग्रिम कार्रवाई जारी है। एसीबी द्वारा भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत मामला दर्ज कर अनुसंधान किया जाएगा।सीएमएचओ कार्यालय के जिला खाद्य सुरक्षा एवं औषधि नियंत्रण विभाग में हुई इस कार्रवाई से चिकित्सा विभाग में हड़कंप मच गया। एसीबी टीम ने संबंधित कार्यालय में देर रात तक दस्तावेजों की गहन जांच की। सूत्रों के अनुसार जिला ड्रग कंट्रोल कार्यालय के कुछ अधिकारियों की भूमिका भी संदिग्ध मानी जा रही है और उन्हें जांच के दायरे में लिए जाने की सूचना सामने आई है।कार्रवाई के दौरान एसीबी टीम में सहायक उप निरीक्षक आशिफ, हैड कांस्टेबल जुनेद, कांस्टेबल ईश्वर, राजकुमार, जलसिंह एवं अजीत शामिल रहे। आरोपी को शुक्रवार को एसीबी न्यायालय में पेश किया जाएगा।