5 दिवसीय मेगा आवासीय शिविर में देशभर के वैज्ञानिक देंगे प्राकृतिक खेती की आधुनिक तकनीकों की जानकारी
भीलवाड़ा। मूलचन्द पेसवानी
जैविक एवं प्राकृतिक खेती के क्षेत्र में भीलवाड़ा अब राष्ट्रीय स्तर पर नई पहचान बनाने जा रहा है। जिले के रीको क्षेत्र स्थित आरसीएम वर्ल्ड में 27 मई से 31 मई 2026 तक देशभर के किसानों का विशाल संगम होगा, जहां 17 राज्यों से आए करीब 1120 किसान गो आधारित जैविक एवं प्राकृतिक खेती का विशेष प्रशिक्षण प्राप्त करेंगे।
यह पांच दिवसीय आवासीय प्रशिक्षण कार्यक्रम श्रीरामशांताय जैविक कृषि अनुसंधान एवं प्रशिक्षण केंद्र कोटा, श्री सरोज देवी फाउंडेशन भीलवाड़ा, अमृता देवी पर्यावरण नागरिक संस्थान (अपना संस्थान) एवं फाउंडेशन फॉर इकोलॉजिकल सिक्योरिटी सहित कई संस्थाओं के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित किया जा रहा है।
एसडी फाउंडेशन के समन्वयक महेश नवहाल ने बताया कि भीलवाड़ा में इस स्तर पर गो आधारित जैविक एवं प्राकृतिक खेती का यह पहला बड़ा आयोजन होगा। कार्यक्रम में राजस्थान, आसाम, झारखंड, उड़ीसा, पश्चिम बंगाल, उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, कर्नाटक, गुजरात, छत्तीसगढ़, दिल्ली, पंजाब, बिहार, मध्यप्रदेश, महाराष्ट्र, हरियाणा एवं हिमाचल प्रदेश सहित 17 राज्यों के किसानों ने पंजीकरण कराया है।
प्रशिक्षण शिविर में किसानों को खेती के विभिन्न महत्वपूर्ण विषयों पर व्यवहारिक एवं वैज्ञानिक जानकारी दी जाएगी। इसमें जल प्रबंधन, भूमि परीक्षण एवं सुधार, मिट्टी की उर्वरता और पोषण, खरपतवार का नवाचारी प्रबंधन, कीट संरक्षण एवं नियंत्रण, रोग नियंत्रण की सरल तकनीक, जैविक प्रमाणीकरण एवं दस्तावेजीकरण जैसे विषय प्रमुख रहेंगे।
इसके अलावा किसानों को खेतों में होने वाली समस्याओं जैसे हिरण, खरगोश, नीलगाय, सूअर, बंदर और दीमक आदि से फसलों की सुरक्षा के आसान एवं प्राकृतिक उपाय भी सिखाए जाएंगे। कार्यक्रम में केवल सैद्धांतिक जानकारी ही नहीं, बल्कि खेती से जुड़े विभिन्न विषयों पर प्रायोगिक प्रशिक्षण भी कराया जाएगा।
शिविर का वातावरण पूर्णतः भारतीय संस्कृति एवं प्राकृतिक जीवनशैली पर आधारित रहेगा। सुबह योग एवं व्यायाम, ध्यान साधना तथा रात्रि में भजन-कीर्तन के कार्यक्रम भी आयोजित होंगे, जिससे किसानों को मानसिक एवं आध्यात्मिक ऊर्जा भी प्राप्त हो सके।
कार्यक्रम की तैयारियों को लेकर शुक्रवार को ऑनलाइन बैठक आयोजित की गई, जिसमें राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के प्रांत कार्यवाह डॉ. शंकरजी, एसडी फाउंडेशन के संयोजक तिलोक छाबड़ा, अपना संस्थान के संयोजक विनोद मेलाना, गोयल ग्रामीण विकास संस्थान के अध्यक्ष ताराचंद गोयल एवं मुख्य वैज्ञानिक पवन टाक सहित कई पदाधिकारी उपस्थित रहे।
