जन जागृति हेतु मसाल यात्रा
9 मई की पूर्व संध्या पर जन जागरण के उद्देश्य से एक विशाल मसाल यात्रा निकाली गई। प्रथम दिवस पर 101 कलश यात्रा के साथ कार्यक्रम का शुभारंभ हुआ। सायं 7:30 बजे युग ऋषि पं. श्रीराम शर्मा आचार्य द्वारा रचित प्रज्ञा पुराण का वाचन हुआ।
यज्ञ एवं दीपयज्ञ
द्वितीय दिवस पर प्रातः 8:30 बजे से नव कुंडीय यज्ञ आरंभ हुआ। सायं काल प्रज्ञा पुराण कथा एवं दीपयज्ञ का आयोजन किया गया। दीपयज्ञ में 1001 दीपों के समक्ष गायत्री महामंत्र एवं महामृत्युंजय मंत्र की आहुतियां दी गईं।
संस्कार एवं पुण्यतिथि तर्पण
तृतीय दिवस पर प्रातः 8:30 बजे से गायत्री महायज्ञ हुआ, जिसमें सैकड़ों आहुतियां प्रदान की गईं। पर्यावरण शुद्धि हेतु महामृत्युंजय मंत्र, सूर्य एवं शिव गायत्री सहित विभिन्न देवताओं की आहुतियां दी गईं। इस अवसर पर पुंसवन, नामकरण, दीक्षा एवं जन्मदिवस संस्कार निशुल्क कराए गए।
स्थानीय प्रवक्ता पवन ओझा ने बताया कि तृतीय दिवस की सुबह 6:30 बजे स्व. घीसु लाल जी ओझा की पुण्यतिथि पर पालेश्वर तालाब घाट पर तर्पण कार्यक्रम संपन्न हुआ।
विद्वान टोली एवं सहभागिता
इस आयोजन को सफल बनाने हेतु शांतिकुंज की विद्वान टोली — श्री सुरेश कुमार, देवेश साहू एवं रामलाल फोगाट पधारे। कार्यक्रम में केसर जांगिड़, विष्णु त्रिपाठी, सत्यनारायण, प्रेम ओझा, गोपाल ओझा, सुरेश ओझा, हरीराज सहित अनेक कार्यकर्ताओं ने भाग लिया। भीलवाड़ा, शाहपुरा, जहाजपुर, खजूरी, सबलपुरा, गुड्डा, सरसिया, काछोला, कुचलवाड़ा से भी बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे।
✨ तीन दिवसीय इस महायज्ञ ने क्षेत्र में आध्यात्मिक चेतना, सामाजिक एकता और सांस्कृतिक गौरव का संदेश दिया।
