लाखों की बिल्डिंग पर ताला, आंगनबाड़ी में इलाज! खेरूना उप स्वास्थ्य केंद्र बना अधिकारियों की लापरवाही का जीता-जागता सबूत

लाखों की बिल्डिंग पर ताला, आंगनबाड़ी में इलाज! खेरूना उप स्वास्थ्य केंद्र बना अधिकारियों की लापरवाही का जीता-जागता सबूत

तीन महीने से तैयार भवन बंद, 30 नौनिहालों के बीच चल रहा स्वास्थ्य केंद्र; ग्रामीणों में भारी रोष

खजुरी | अलकेश पारीक

खजूरी, स्मार्ट हलचल। सरकार ग्रामीण क्षेत्रों में बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं देने के लिए लाखों रुपए खर्च कर रही है, लेकिन जिम्मेदार अधिकारियों की उदासीनता के चलते ये सुविधाएं कागजों तक सीमित होकर रह गई हैं। टीटोडा जागीर पीएचसी के अंतर्गत आने वाले खेरूना उप स्वास्थ्य केंद्र की नई बिल्डिंग करीब तीन महीने पहले बनकर तैयार हो चुकी है, लेकिन आज तक उस पर ताला लटका हुआ है।

हालत यह है कि स्वास्थ्य केंद्र का संचालन अब भी आंगनबाड़ी केंद्र के एक छोटे से हॉल में किया जा रहा है, जिससे मासूम बच्चों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। ग्रामीणों के अनुसार निर्माण कार्य पूरा होने के बाद ठेकेदार ने भवन को तीन माह पूर्व ही चिकित्सा विभाग को सौंप दिया था। इसके बावजूद विभागीय अधिकारी उद्घाटन और औपचारिकताओं के नाम पर भवन को बंद रखे हुए हैं।

नौनिहालों के हक पर ‘स्वास्थ्य’ का कब्जा

आंगनबाड़ी केंद्र में केवल एक ही हॉल है, जहां करीब 30 बच्चों का नामांकन है। इसी हॉल में उप स्वास्थ्य केंद्र का सामान भी रखा गया है। इससे बच्चों के बैठने, खेलने और दैनिक गतिविधियों में गंभीर बाधा उत्पन्न हो रही है।

ग्रामीणों का कहना है कि सरकार करोड़ों रुपए खर्च कर सुविधाएं उपलब्ध करा रही है, लेकिन जमीनी स्तर पर अधिकारी उन योजनाओं को लागू करने में रुचि नहीं ले रहे। नई बिल्डिंग तैयार होने के बावजूद पुराने और संकरे स्थान पर स्वास्थ्य केंद्र चलाना विभागीय कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े करता है।

अधिकारियों का पक्ष:

“पहले ही पीएचसी प्रभारी को नए भवन में उप स्वास्थ्य केंद्र शुरू करने के निर्देश दिए जा चुके हैं। यदि अब तक संचालन शुरू नहीं हुआ है तो जल्द ही नई बिल्डिंग में स्वास्थ्य सेवाएं प्रारंभ करवाई जाएंगी।”

— भागीरथ मीणा, ब्लॉक चिकित्सा अधिकारी

© स्मार्ट हलचल न्यूज़ डेस्क