अवकाश छीनने की तैयारी पर भड़के शिक्षक, शाहपुरा में गरजी शिक्षकों की हुंकार

नौकरशाही के खिलाफ सड़कों पर उतरा शिक्षक वर्ग, चेतावनीकृ अब आर-पार की लड़ाई होगी

शाहपुरा। मूलचन्द पेसवानी
प्रदेशभर में शिक्षकों की उपेक्षा और लंबित मांगों को लेकर गुरुवार को शाहपुरा में शिक्षकों का गुस्सा खुलकर सड़कों पर दिखाई दिया। अखिल भारतीय राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ राजस्थान (विद्यालय शिक्षा) के बैनर तले सैकड़ों शिक्षक एकजुट होकर शाहपुरा की सड़कों पर उतर आए और सरकार व नौकरशाही के खिलाफ जोरदार प्रदर्शन किया। जिला अध्यक्ष महेश कुमार शर्मा और खंड अध्यक्ष अमर सिंह चैहान के नेतृत्व में निकाली गई आक्रोश रैली ने पूरे शहर का माहौल गर्मा दिया।
हाथों में तख्तियां और मांगों से जुड़े बैनर लिए शिक्षकों ने “शिक्षक विरोधी नीति बंद करो”, “गैर शैक्षणिक कार्यों से मुक्ति दो” और “अवकाशों से छेड़छाड़ बंद करो” जैसे नारों से प्रशासनिक गलियारों को गूंजा दिया। रैली के बाद शिक्षक उपखंड कार्यालय पहुंचे, जहां उपखंड अधिकारी को मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपकर अपनी लंबित मांगों का जल्द समाधान करने की मांग की गई।
महासंघ पदाधिकारियों ने आरोप लगाया कि शिक्षा व्यवस्था को सुधारने के बजाय शिक्षकों पर लगातार अतिरिक्त बोझ डाला जा रहा है। ज्ञापन में ग्रीष्मावकाश सहित समस्त अवकाश यथावत रखने, तृतीय वेतन श्रृंखला सहित सभी संवर्गों के लंबित स्थानांतरण करने, तृतीय श्रेणी शिक्षकों की पदोन्नतियां शीघ्र जारी करने और क्रमोन्नत विद्यालयों में वित्तीय स्वीकृति देकर स्टाफिंग पैटर्न के अनुसार पदस्थापन करने की मांग प्रमुखता से उठाई गई।
इसके अलावा शिक्षकों को गैर शैक्षणिक कार्यों से मुक्त करने, आरजीएचएस योजना को सुचारू रखने, वेतन विसंगतियां दूर करने तथा पंचायत सहायक संविदा शिक्षकों को नियमित करने की मांग भी जोरदार तरीके से उठाई गई।
महासंघ नेताओं ने दो टूक चेतावनी देते हुए कहा कि यदि सरकार ने जल्द सकारात्मक निर्णय नहीं लिया तो आंदोलन अब और उग्र होगा। 29 मई को जिला स्तर पर बड़ा प्रदर्शन, 5 जून को बीकानेर निदेशालय पर संभाग स्तरीय धरना तथा 10 जून को जयपुर संभाग पर विशाल प्रदर्शन किया जाएगा।
प्रदर्शन में संभाग महिला मंत्री इंदिरा धूपिया, जिला कोषाध्यक्ष मुकेश कुमावत, जिला महिला संगठन मंत्री प्रिया सोनी, जिला मीडिया प्रभारी हनुमान प्रसाद शर्मा, पूर्व जिला संगठन मंत्री शिवचरण शर्मा, खंड मंत्री राकेश सोनी, शांति धाबाई, नयन बुला, मोहनलाल कोली, लोकेश धाभाई, अशोक सुथार, सुधीर शर्मा, मनोज सोनी, हरिनिवास खारोल, नवरत्नमल बगड़िया, संजय त्रिपाठी, पंकज सोनगरा, राहुल दाधीच, शिवराज धाकड़, कुलदीप कलाल, हरिओम शर्मा सहित बड़ी संख्या में शिक्षक मौजूद रहे।