500 किमी पीछा कर एमपी से पकड़ा गया शातिर चोर, बैंक से निकले ग्रामीण के 1.50 लाख किए थे पार

कोटड़ी (भीलवाड़ा)।स्मार्ट हलचल|जिले की कोटड़ी थाना पुलिस ने चोरी की एक बड़ी वारदात का पर्दाफाश करते हुए एक अंतरराज्यीय शातिर बदमाश को मध्य प्रदेश से गिरफ्तार किया है। आरोपी ने कस्बे में सब्जी खरीदने रुके एक ग्रामीण की मोटरसाइकिल से 1,50,000 रुपये की नकदी से भरा बैग पार कर लिया था। पुलिस की विशेष टीम ने पारंपरिक पुलिसिंग और आसूचना संकलन के दम पर इस शातिर चोर का करीब 500 किलोमीटर तक पीछा किया और उसे दबोच लिया।

बैंकों के बाहर रैकी कर ग्रामीणों को बनाता था निशाना

पुलिस जांच में सामने आया है कि यह बदमाश बेहद शातिर किस्म का है। वह मुख्य रूप से बैंकों के बाहर घात लगाकर बैठता था और वहां से नकदी निकालकर निकलने वाले सीधे-सादे ग्रामीणों की रैकी करता था। मौका मिलते ही वह उनका रुपयों से भरा बैग पार कर रफूचक्कर हो जाता था।

क्या था पूरा मामला?

घटना 17 अप्रैल 2026 की है। हाजिवास (थाना कोटड़ी) निवासी 56 वर्षीय पुषा लाल जाट ने पुलिस को रिपोर्ट दी थी कि वह एसबीआई (SBI) बैंक की कोटड़ी शाखा से 1,50,000 रुपये निकालकर मोटरसाइकिल से घर जा रहा था। रास्ते में कोटड़ी पुराने बस स्टैंड (मंशा चौराहा) पर वह एक ठेले पर सब्जी खरीदने के लिए रुका। इसी दौरान पीछे से आए एक अज्ञात बदमाश ने उसकी बाइक पर रखा रुपयों से भरा बैग पार कर लिया। पुलिस ने बीएनएस की धारा 303(2) के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू की थी।

500 किमी का पीछा और एमपी से गिरफ्तारी

भीलवाड़ा पुलिस अधीक्षक धर्मेन्द्र सिंह यादव के निर्देशानुसार एक विशेष टीम का गठन किया गया। टीम ने घटनास्थल के आस-पास कड़ी से कड़ी जोड़ते हुए और मुखबिरों की मदद से आरोपी की पहचान की। इसके बाद पुलिस टीम ने 500 किलोमीटर तक पीछा करते हुए मध्य प्रदेश के राजगढ़ जिले में दबिश दी।

पुलिस ने सुमित सिसोदिया (21) पुत्र कुंदन सिंह (निवासी ग्राम कड़िया सांसी, थाना बोड़ा, जिला राजगढ़, मध्य प्रदेश) को दस्तयाब कर लिया। मनोवैज्ञानिक तरीके से पूछताछ करने पर उसने अपना जुर्म कबूल कर लिया, जिसके बाद उसे गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया गया है।

कार्रवाई में शामिल पुलिस टीम:

  • श्री महावीर प्रसाद (पु.नि., थानाधिकारी कोटड़ी)
  • श्री कैलाश चन्द्र (स.उ.नि.) – विशेष योगदान
  • श्री अर्जुन राम (कांस्टेबल) – विशेष योगदान
  • श्री मोती राम (कांस्टेबल)