ईरानी डूंगरी में 21 कुण्डात्मक श्रीराम महायज्ञ शुरूः गणपति पूजन, 251 कलश यात्रा से आगाज; 25 मई को पूर्णाहुति

 

अविनाश मीणा

घाड़ (देवली), टोंक|स्मार्ट हलचल| ईरानी डूंगरी में नौ दिवसीय 21 कुण्डात्मक श्रीराम महायज्ञ का शुभारंभ हो गया है। इसका आगाज गणपति पूजन और यज्ञ प्रारंभ के साथ हुआ। इस धार्मिक अनुष्ठान की शुरुआत 251 महिलाओं द्वारा निकाली गई कलश शोभायात्रा के साथ की गई। महायज्ञ की पूर्णाहुति 25 मई को होगी।

यह धार्मिक आयोजन संतों के सान्निध्य में संपन्न हो रहा है। कार्यक्रम के सानिध्यकर्ता महामण्डलेश्वर श्री श्री 1008 श्री अमरदास जी महाराज हैं। यज्ञकर्ता के रूप में श्री श्री 108 संत प्रेमदास जी बाबा मौजूद हैं। यज्ञ के प्रधान आचार्य पंडित श्री कृष्ण बिहारी शास्त्री वैदिक रीति-रिवाज और मंत्रोच्चार के साथ यज्ञ की रस्में पूरी करवा रहे हैं।

कलश शोभायात्रा चारनेंट दर्रा बालाजी मंदिर से प्रारंभहुई। सिर पर मंगल कलश धारण किए महिलाएं करीब 2 किलोमीटर का सफर तय कर ईरानी डूंगरी दर्रा पहुंचीं। इस दौरान डीजे की धुनें भी बज रही थीं।

सुरक्षा और व्यवस्था के लिए घाड़ पुलिस प्रशासन अपनी गाड़ी और जाब्ते के साथ मुस्तैद रहा। पुलिसकर्मियों ने शोभायात्रा के दौरान यातायात और सुरक्षा की व्यवस्था बनाए रखी, जिससे आयोजन शांतिपूर्ण संपन्न हुआ।

महायज्ञ के विभिन्न मुख्य अंगों और दायित्वों के लिए बोलियां भी लगाई गईं, जिसमें श्रद्धालुओं ने हिस्सा लिया। प्रधान कुंड के लिए ₹3,55,000 की बोली तेजेन्द्र सिंह नरुका (गेरोटी) ने लगाई। प्रधान घोड़ी के लिए ₹1,95,000 की बोली शंकर लाल मीणा (हरिपुरा) ने लगाई। प्रधान कलश के लिए ₹40,000 की बोली विजेन्द्र सिंह (गेरोटी) ने लगाई, जबकि बालाजी झण्डा के लिए ₹16,000 की बोली केसी राम मीणा (हरिपुरा) ने लगाई।

शोभायात्रा और धार्मिक रस्मों के संपन्न होने के बाद कार्यक्रम स्थल पर भोजन प्रसादी (भंडारे) का आयोजन किया गया। इस महाप्रसादी में क्षेत्र के समस्त सकल पंच और बड़ी संख्या में ग्रामीण श्रद्धालुओं ने प्रसादी ग्रहण की।