दलित पुजारी परिवार ने आरएसएस कार्यकर्ताओं पर मंदिर कब्जाने और जातीय उत्पीड़न के लगाए आरोप

मोड़ का निंबाहेड़ा (सुरेश चन्द्र मेघवंशी)

राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ से जुड़े स्थानीय कार्यकर्ताओं और कुछ प्रभावशाली लोगों पर भीलवाड़ा जिले की आसींद तहसील के बराना गांव स्थित प्राचीन श्री खाखुल देव जी मंदिर पर कब्जा करने, जातिगत उत्पीड़न करने और हिंसक हमला करने के गंभीर आरोप लगे हैं। मंदिर के दलित पुजारी परिवार ने इस मामले में संघ प्रमुख मोहन भागवत को पत्र लिखकर न्याय की मांग की है।

पुजारी विष्णु कुमार बलाई ने बताया कि करीब 400 वर्ष पुराने श्री खाखुल देव जी मंदिर का संचालन पीढ़ियों से उनका परिवार करता आ रहा है। परिवार का दावा है कि मंदिर की स्थापना उनके पूर्वजों द्वारा की गई थी तथा मंदिर के विकास और रखरखाव का कार्य भी परिवार एवं भक्तों के सहयोग से किया गया।

पत्र के अनुसार वर्ष 2023 से गांव के कुछ लोगों द्वारा मंदिर को लेकर विवाद खड़ा किया गया। आरोप है कि आरएसएस से जुड़े कुछ स्थानीय कार्यकर्ताओं और प्रभावशाली व्यक्तियों ने मंदिर के वार्षिक मेले को रुकवाने के साथ दलित पुजारी परिवार को मंदिर से हटाने के प्रयास शुरू कर दिए।

पुजारी परिवार ने आरोप लगाया कि 14 अगस्त 2025 को कुछ लोग मंदिर परिसर में पहुंचे और परिवार के सदस्यों के साथ मारपीट की। इस दौरान जातिसूचक गालियां देने तथा जबरन मंदिर में दानपात्र रखकर मंदिर संचालन गांव के अन्य लोगों को सौंपने की घोषणा करने का आरोप भी लगाया गया है।

विष्णु कुमार का कहना है कि घटना की शिकायत पुलिस और प्रशासन को देने के बावजूद प्रभावशाली राजनीतिक संरक्षण के चलते आरोपियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई नहीं हुई। परिवार ने लगातार धमकियां मिलने और मंदिर पर कब्जे की कोशिश जारी रहने का भी आरोप लगाया है।

पत्र में यह भी उल्लेख किया गया है कि ‘सकल हिंदू समाज’ के नाम पर दलित परिवार के खिलाफ माहौल बनाया गया तथा सामाजिक बहिष्कार जैसी स्थिति उत्पन्न की गई। पुजारी परिवार ने आरोप लगाया कि समरसता और हिंदू एकता की बात करने वाले संगठन के कुछ स्थानीय कार्यकर्ता व्यवहार में जातिवादी रवैया अपना रहे हैं।

पुजारी विष्णु कुमार बलाई ने संघ प्रमुख मोहन भागवत से हस्तक्षेप कर मंदिर को दलित पुजारी परिवार को वापस सौंपने, आरोपियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित करने तथा परिवार की सुरक्षा उपलब्ध करवाने की मांग की है। पत्र के साथ मंदिर से जुड़े दस्तावेज, एफआईआर और समाचार कटिंग्स भी संलग्न किए गए हैं।