पोटलां। सुप्रसिद्ध भजन गायक कलाकार नरेश प्रजापत की पूजनीय माता श्रीमती कस्तुरी देवी के स्वर्गवास पर चल रहे मातृशोक के तहत उनके पैतृक गांव रूपपुरा में सोमवार को एक विशाल भजन संध्या का आयोजन किया गया। इस धार्मिक एवं श्रद्धांजलि सभा में संगीत जगत की कई जानी-मानी हस्तियों, स्थानीय जनप्रतिनिधियों और भारी संख्या में ग्रामीणों ने शिरकत कर दिवंगत आत्मा को पुष्पांजलि अर्पित की।
“भजनों के माध्यम से दी गई श्रद्धांजलि”
शोक संतप्त परिवार द्वारा आयोजित इस भजन संध्या की शुरुआत माता कस्तुरी देवी के चित्र के सम्मुख दीप प्रज्वलन और माल्यार्पण के साथ हुई। इसके बाद क्षेत्र के नामचीन साथी कलाकारों ने एक से बढ़कर एक वैराग्य और भक्तिमय भजनों की प्रस्तुतियां दीं। भजनों के माध्यम से उपस्थित जनसमुदाय को जीवन की नश्वरता और मातृ शक्ति की महिमा का बोध कराया गया, जिससे पूरा माहौल भावुक और भक्तिमय हो गया।
“कलाकारों और प्रबुद्ध जनों ने व्यक्त की संवेदना”
सुरों के माध्यम से श्रद्धांजलि देने पहुंचे साथी कलाकारों ने कहा कि माता कस्तुरी देवी एक धर्मपरायण और ममतामयी महिला थीं, जिनके संस्कारों की बदौलत ही नरेश प्रजापत ने भजन गायकी के क्षेत्र में देश-प्रदेश में नाम रोशन किया है।
एक कलाकार के पीछे उसकी माँ का आशीर्वाद सबसे बड़ा संबल होता है। माताजी का जाना संगीत जगत और प्रजापत परिवार के लिए एक अपूरणीय क्षति है।”
“शोक संतप्त परिवार को बंधाया ढाँढस”
भजन संध्या के दौरान नरेश प्रजापत और उनके पूरे परिवार को ढाँढस बंधाने के लिए राजनैतिक, सामाजिक और व्यापारिक संगठनों से जुड़े लोग पहुंचे। सभी ने ईश्वर से दिवंगत आत्मा को अपने श्रीचरणों में स्थान देने और पीछे छूटे परिवार को इस असहनीय दुःख को सहन करने की शक्ति प्रदान करने की प्रार्थना की।
नरेश प्रजापत ने अंतिम में श्रद्धांजलि स्वरुप कुछ पंक्तियां अपनी मां के नाम की, एवं बताया कि माताजी का आशीर्वाद हमेशा हमारे साथ रहेगा। संगीत के माध्यम से उन्हें दी गई यह श्रद्धांजलि मेरे जीवन का सबसे भावुक क्षण है एवं इस दुःख की घड़ी में शामिल होने वाले सभी अतिथियों, कलाकारों, संगीत प्रेमियों और ग्रामीणों का आभार व्यक्त किया। इस दौरान मोइनुद्दीन मनचला, प्रकाश माली,छोटू सिंह रावणा, आशा वैष्णव, भगवत सुथार, लेहरु दास वैष्णव, सोनू सिसोदिया, मधुबाला राव,दिनेश भट्ट, रमेश माली, प्रेम शंकर जाट, पुरन गुर्जर, पिंटू सेन, सहित मेवाड़, मारवाड़ के दर्जनों कलाकार उपस्थित रहे मंच संचालन विनायक जोशी, डालचंद कुमावत ने किया भजन संध्या भोर तक चली कलाकारों का बिछड़ना विदाई होना बड़ा ही भावुक व भावपूर्ण रहा ।
