शिव जांगिड़
आयोजन की शुरुआत 26 मई को विशाल कलश यात्रा के साथ होगी, जबकि मुख्य महायज्ञ 27 मई से 2 जून तक चलेगा। इस आयोजन को लेकर क्षेत्र के लोगों में भारी उत्साह है और श्री राम दिव्य रथ के माध्यम से गांव-गांव जाकर दशांश हवन का धार्मिक संदेश भी पहुंचाया जा रहा है।
कार्यक्रम की प्रमुख रूपरेखा और तिथियां:
1. बेवाण और विशाल कलश यात्रा (26 मई)
- महायज्ञ से एक दिन पूर्व, 26 मई को 27 अलग-अलग गांवों से ‘श्री नारायण रथ’ (बेवाण) धाम में पहुंचेंगे।
- इस दौरान एक विशाल और भव्य कलश यात्रा निकाली जाएगी, जिसकी शोभा बढ़ाने के लिए हाथी, घोड़े, रथ और विभिन्न भजन मंडलियां शामिल होंगी।
2. 108 कुण्डीय महायज्ञ (27 मई – 2 जून)
- शुभारंभ: महायज्ञ की विधिवत शुरुआत 27 मई (ज्येष्ठ शुक्ल एकादशी, बुधवार) को होगी।
- विशेष अनुष्ठान: इस महायज्ञ के दौरान मूल नक्षत्र, निरृति देव यज्ञ एवं पूर्वाभाद्र नक्षत्र जल देव यज्ञ जैसे विशेष अनुष्ठान किए जाएंगे।
- समापन: 2 जून (अधिक ज्येष्ठ कृष्ण द्वितीया, मंगलवार) को पूर्णाहुति के साथ सात दिवसीय यज्ञ का समापन होगा।
3. विराट पाणिग्रहण संस्कार (विवाह महोत्सव)
- आयोजन के अंतिम दिन, 2 जून को दोपहर 2:15 बजे चारभुजानाथजी और यज्ञ लक्ष्मीजी का विराट पाणिग्रहण संस्कार पूरे विधि-विधान से संपन्न कराया जाएगा।
प्रतिदिन के विशेष आकर्षण:
महायज्ञ के इन सात दिनों के दौरान श्रद्धालुओं के लिए विशेष धार्मिक और सांस्कृतिक कार्यक्रमों का भी आयोजन किया जाएगा:
- प्रतिदिन मधुर भजन संध्या और मंगल गीतों की प्रस्तुति।
- देवी-देवताओं की सजीव और आकर्षक इलेक्ट्रॉनिक झांकियों का भव्य प्रदर्शन।
