सीबीएसई ने मानी ग़लती, 12वीं कक्षा के छात्र को ‘पाकिस्तानी’ कहकर किया गया था ट्रोल,कांग्रेस नेता राहुल गांधी की टिप्पणी- बच्चे को मिले न्याय

स्मार्ट हलचल।सीबीएसई ने 12वीं के छात्र वेदांत श्रीवास्तव के मामले में अपनी गलती स्वीकार की है। फिज़िक्स की उत्तरपुस्तिका गलत तरीके से अपलोड होने पर वेदांत को सोशल मीडिया पर ‘पाकिस्तानी’ कहकर ट्रोल किया गया, लेकिन बोर्ड ने अब सही कॉपी भेज दी है और परिणाम सुधारने का आश्वासन दिया है।

मामला क्या था?

  • वेदांत श्रीवास्तव, दिल्ली के एक 12वीं कक्षा के छात्र, ने फिज़िक्स में अपेक्षा से कम अंक मिलने पर उत्तरपुस्तिका की स्कैन कॉपी मांगी
  • 23 मई को मिली कॉपी में उन्होंने पाया कि हस्तलिपि और उत्तर उनके नहीं थे
  • उन्होंने सोशल मीडिया पर यह मुद्दा उठाया और तुलना के लिए अपनी अन्य विषयों की कॉपियां साझा कीं।

सोशल मीडिया विवाद

  • वेदांत की पोस्ट वायरल हुई और 3 मिलियन से अधिक व्यूज़ मिले।
  • इसके बाद उन्हें ‘पाकिस्तानी’ और ‘एंटी-नेशनल’ कहकर ट्रोल किया गया।
  • कुछ पत्रकारों और यूज़र्स ने उन पर सीबीएसई की छवि खराब करने का आरोप लगाया।
  • उनके भाई सिद्धांत ने जवाब दिया: “हम पाकिस्तानी नहीं हैं” और परिवार ने इस ट्रोलिंग का विरोध किया।

दरअसल, सीबीएसई की ओर से 12वीं का रिज़ल्ट जारी होने के बाद कुछ छात्रों ने ने ऑनस्क्रीन मार्किंग यानी ‘ओएसएम’ की वजह से कम नंबर दिए जाने का आरोप लगाया था.

ऐसा ही छात्र वेदांत के साथ हुआ, इसलिए उन्होंने री-इवैल्यूएशन प्रोसेस के तहत स्कैन कॉपी डाउनलोड की. इसके बाद वेदांत ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट किया. इसमें उन्होंने आरोप लगाया कि डाउनलोड की गई कॉपी उनकी नहीं है, इससे उनकी हैंडराइटिंग भी मैच नहीं हो रही है.

उन्होंने लिखा, “मैं सीबीएसई कक्षा 12वीं का छात्र हूं. फिज़िक्स में उम्मीद से बहुत कम अंक आने के बाद हमने सीबीएसई री-इवैल्यूएशन प्रक्रिया के तहत मैंने आंसर शीट की फोटोकॉपी के लिए आवेदन किया. आज हमें कॉपियां मिलीं. मैं बहुत दुखी हूं क्योंकि सीबीएसई की ओर से अपलोड की गई फिज़िक्स की आंसर शीट मेरी नहीं है.”

वेदांत पोस्ट के बाद सोशल मीडिया पर कई लोगों ने वेदांत की प्रोफाइल के स्क्रीनशॉट शेयर किए. इसमें आरोप लगाए गए कि वेदांत का अकाउंट पाकिस्तान से संचालित हो रहा है. वेदांत को ‘एंटी-नेशनल’ तक कह दिया गया.

इस मामले पर कांग्रेस नेता राहुल गांधी की टिप्पणी भी आई. उन्होंने कहा कि 17 साल का बच्चा न्याय की उम्मीद में सोशल मीडिया पर आया, लेकिन बीजेपी ने उसे ‘देशद्रोही’ बताया दिया.

राहुल गांधी ने सोशल मीडिया प्लेटफ़ॉर्म एक्स पर लिखा, “मोदी-प्रधान की जोड़ी ने एक और संस्था को धांधली का प्रतीक बना दिया. दशकों में पहली बार सीबीएसई बोर्ड परीक्षा पर इतने गंभीर सवाल उठे हैं. 18.5 लाख बच्चों ने परीक्षा दी और एक हफ़्ते से ओएसएम, ग़लत मार्किंग और जांच की गड़बड़ी की शिकायतें अनसुनी पड़ी हैं और शिक्षा मंत्री अपनी कुर्सी से चिपके हुए हैं.”

सीबीएसई की प्रतिक्रिया

  • बोर्ड ने स्वीकार किया कि तकनीकी गड़बड़ी से गलत कॉपी अपलोड हुई थी
  • वेदांत को सही उत्तरपुस्तिका ईमेल से भेजी गई और परिणाम सुधारने का आश्वासन दिया गया।
  • सीबीएसई ने सार्वजनिक रूप से वेदांत से माफी मांगी और कहा कि भविष्य में ऐसी गड़बड़ी रोकने के लिए कदम उठाए जाएंगे।

व्यापक असर

  • इस घटना ने सीबीएसई के On-Screen Marking (OSM) सिस्टम पर सवाल खड़े किए।
  • कई छात्रों ने शिकायत की कि उनकी कॉपियां धुंधली थीं, पेज गायब थे या हस्तलिपि मेल नहीं खा रही थी।
  • शिक्षा विशेषज्ञों ने चेतावनी दी कि ऐसी गलतियाँ छात्रों के मानसिक स्वास्थ्य और भविष्य पर गंभीर असर डाल सकती हैं।

निष्कर्ष

वेदांत का मामला दिखाता है कि परीक्षा मूल्यांकन में पारदर्शिता और तकनीकी विश्वसनीयता कितनी ज़रूरी है। एक छात्र की genuine शिकायत को ट्रोलिंग और गलत आरोपों से दबाना न केवल अनुचित है बल्कि शिक्षा व्यवस्था पर भरोसा भी कमजोर करता है।