रणवीर सिंह चौहान
भवानी मंडी
स्मार्ट हलचल/हाडोती संभाग में 15 वर्षों से नेत्रदान, अंगदान और देहदान के लिए कार्य कर रही हाड़ौती संभाग की एकमात्र संस्था शाइन इंडिया फाउंडेशन द्वारा कॉर्निया कि अंधता से पीड़ित मरीजों के उपचार के लिये भी अनवरत प्रयास किया जा रहा है।
शाइन इंडिया फाउंडेशन के संस्थापक डॉ कुलवंत गौड़ में बताया कि चार माह पूर्व, नेत्रदान जागरूकता की कार्यशाला के दौरान बारां जिले की तहसील किशनगंज के गांव, ग्राम विलासगढ़ निवासी, रामराज के तीन बच्चे विवेक, प्रियंका,शुभम जोकि जन्म के कुछ समय पश्चात से ही पूर्णतया देख नहीं पा रहे थे, संस्था के संपर्क में आये एवं शाइन इंडिया फाउंडेशन के द्वारा जब तीनों बच्चों को कोटा के नेत्ररोग चिकित्सक डॉ अरनव सरोया को दिखाया तो पाया गया कि यह तीनों आंखों की (कॉर्निया) पुतली के सफेद हो जाने के कारण (कंजेटियल हेरेडिटरी एंडोथीलियल डिस्ट्रॉफी) बीमारी से नेत्रहीन हो गए है, एवं कॉर्नियल प्रत्यारोपण के द्वारा ही इन्हें रोशनी दिया जाना संभव है ऐसे में, संस्था ने तुरंत तीनों बच्चों को व्यक्तिगत खर्चे पर गांव से सीधा इंदौर के शंकरा नेत्रालय में भेजा, साधनहीन परिवार होने के कारण कोटा से इंदौर तीन, चार बार आने जाने का यात्रा व्यय, दवाईयों एवम ऑपरेशन का खर्च एवं सभी जांच का खर्च संस्था के द्वारा स्वयं वहन किया गया।
ज्योति मित्र कमलेश गुप्ता दलाल ने बताया कि इंदौर में शंकरा नेत्रालय में कॉर्नियल ट्रांसप्लांट सर्जन डॉ अमित देवकर ने तीनों बच्चों की विस्तृत जांच की और पाया कि जटिल स्थिति होने के बाद भी तीनों बच्चों में रोशनी आने की संभावना है, एवं पहले चरण में 13 वर्षीय बालक विवेक को कोर्निया प्रत्यारोपित करने का निश्चय किया। डॉ अमित देवकर ने विवेक को नेत्रदान में प्राप्त कॉर्निया की पांच परतों में से एक परत प्रत्यारोपित करने की जटिल सर्जरी क्रिया को किया गया। पूरे कोर्निया की जगह केवल एक परत ट्रांसप्लांट करने की यह अत्याधुनिक कॉर्नियल सर्जरी डीमैक सर्जरी कहलाती है।
शुक्रवार को एक माह के बाद, विवेक को प्रत्यारोपण होने वाली आंख में लगभग 50% दिखाई देने लगा है। दृष्टी का प्रतिशत समय के साथ-साथ और बढ़ने लगेगा। सालों बाद अपने माता-पिता और भाई बहनों को देखकर विवेक की खुशी की सीमा नहीं हैं। एवं परिवार में अत्यंत भावुक होते हुए संस्थ शाइन इंडिया फाउंडेशन, डॉक्टर्स एवं नेत्रदानी परिवारों के प्रति आभार प्रकट किया एवं सभी से अपील की हम सभी को नेत्रदान के लिए आगे आना चाहिए
