बूंदी- स्मार्ट हलचल।रायथल थाना क्षेत्र में अधिवक्ता हरिओम गुर्जर के साथ घर में घुसकर मारपीट करने के मामले में गिरफ्तार आरोपियों को न्यायालय में पेश किया गया। इस दौरान अदालत परिसर में माहौल बन गया। बूंदी अभिभाषक परिषद के आह्वान पर बड़ी संख्या में अधिवक्ता न्यायालय परिसर में एकत्रित हुए और आरोपियों की ओर से पैरवी करने पहुंचे कोटा के अधिवक्ताओं का विरोध जताया। स्थिति को देखते हुए अदालत परिसर में भारी पुलिस जाप्ता तैनात किया गया।
जानकारी के अनुसार रायथल थाना पुलिस ने अधिवक्ता हरिओम गुर्जर के साथ हुई मारपीट के मामले में गिरफ्तार अभियुक्तों को अतिरिक्त न्यायालय कनिष्ठ खंड क्रमांक-3 की न्यायाधीश वृष्टि विज के समक्ष पेश किया। मामले में परिवादी अधिवक्ता हरिओम गुर्जर की ओर से बूंदी अभिभाषक परिषद के अध्यक्ष नारायण सिंह गौड़, उपाध्यक्ष अनीस मोहम्मद बंटी, सचिव पंकज दाधीच सहित परिषद के अनेक सदस्य पैरवी के लिए मौजूद रहे।
वहीं अभियुक्त पक्ष की ओर से पैरवी करने के लिए कोटा से कुछ अधिवक्ता बूंदी पहुंचे थे। जैसे ही इसकी जानकारी स्थानीय अधिवक्ताओं को मिली, बड़ी संख्या में वकील कोर्ट नंबर-3 के बाहर एकत्रित हो गए और उन्होंने इसका विरोध शुरू कर दिया। अधिवक्ताओं का कहना था कि एक अधिवक्ता के साथ घर में घुसकर मारपीट की गंभीर घटना हुई है, ऐसे में पूरे अधिवक्ता समुदाय में भारी आक्रोश है।
अदालत परिसर में कुछ समय के लिए माहौल काफी गर्म हो गया। विरोध कर रहे अधिवक्ताओं ने एकजुटता का प्रदर्शन करते हुए आरोपियों की पैरवी का विरोध दर्ज कराया। इस दौरान पुलिस और न्यायालय प्रशासन ने स्थिति को नियंत्रित बनाए रखा। किसी भी अप्रिय घटना की आशंका को देखते हुए न्यायालय परिसर में अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया था।
विरोध और माहौल के बीच आरोपी पक्ष की ओर से प्रस्तुत की गई जमानत याचिका को वापस ले लिया गया। इसके बाद स्थानीय अधिवक्ताओं ने इसे वकील एकता की जीत बताया। अभिभाषक परिषद अध्यक्ष नारायण सिंह गौड़ ने कहा कि अधिवक्ता समुदाय के सम्मान और सुरक्षा से जुड़े मामलों में सभी वकील एकजुट हैं और भविष्य में भी इसी तरह एक साथ खड़े रहेंगे।
मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए पुलिस प्रशासन पूरी तरह सतर्क रहा। पेशी की कार्रवाई पूरी होने के बाद अभियुक्तों तथा उनके साथ आए कोटा के अधिवक्ताओं को पुलिस सुरक्षा के बीच अदालत परिसर से बाहर निकाला गया। पूरे घटनाक्रम के दौरान न्यायालय परिसर में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी रही और बड़ी संख्या में पुलिसकर्मी मौजूद रहे। उल्लेखनीय है कि अधिवक्ता हरिओम गुर्जर के साथ हुई मारपीट की घटना के बाद से ही जिले के अधिवक्ताओं में रोष व्याप्त है। अभिभाषक परिषद लगातार मामले में सख्त कार्रवाई की मांग कर रही है। अदालत परिसर में देखने को मिली वकीलों की एकजुटता ने इस मुद्दे को और अधिक चर्चा में ला दिया।
