डीजीपी डिस्क से सम्मानित होंगे कोटा ग्रामीण पुलिस के हैड कांस्टेबल भूपेंद्र कुमार नागर

सैकड़ों गुमशुदा नाबालिग बच्चों एवं महिला-पुरुषों की बरामदगी में उत्कृष्ट योगदान पर मिला सम्मान

स्मार्ट हलचल।कोटा ग्रामीण पुलिस में मानव तस्करी विरोधी यूनिट (AHTU) में कार्यरत हैड कांस्टेबल भूपेंद्र कुमार नागर को पुलिस विभाग में उत्कृष्ट एवं सराहनीय सेवाएं देने पर राजस्थान पुलिस के सर्वोच्च सम्मानों में से एक “डीजीपी डिस्क” से सम्मानित किया जाएगा। यह सम्मान राजस्थान के पुलिस महानिदेशक राजीव कुमार शर्मा द्वारा प्रदान किया जाएगा।

हैड कांस्टेबल भूपेंद्र कुमार नागर ने अपने सेवाकाल के दौरान कर्तव्यनिष्ठा, ईमानदारी और समर्पण के साथ कार्य करते हुए मानव तस्करी विरोधी यूनिट में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। उन्होंने गंभीर अपराधों के खुलासे एवं गुमशुदा व्यक्तियों की तलाश के लिए गठित विशेष टीम के सक्रिय सदस्य के रूप में कार्य करते हुए अपने तकनीकी ज्ञान, विकसित सूचना तंत्र एवं अथक परिश्रम से कई महत्वपूर्ण मामलों का सफल अनावरण किया।

वर्ष 2025 में उन्होंने थाना चेचट के एक चर्चित प्रकरण में लगभग 10 माह से लापता 50 हजार रुपये की इनामी नाबालिग बालिका को गुजरात के सूरत जिले के कडोदरा क्षेत्र से दस्तयाब करवाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। इसी प्रकार थाना कनवास के प्रकरण में 4 वर्ष 4 माह से लापता 25 हजार रुपये की इनामी नाबालिग बालिका को बारां जिले के अंता क्षेत्र से तथा थाना मोड़क के प्रकरण में 1 वर्ष 4 माह से लापता 10 हजार रुपये की इनामी नाबालिग बालिका को कोटा से दस्तयाब करवाने में भी उनका विशेष योगदान रहा।

इसके अतिरिक्त उन्होंने वर्ष 2025 में कुल 14 नाबालिग बालक-बालिकाओं को सुरक्षित दस्तयाब करवाया। वहीं विशेष अभियान ऑपरेशन सुदामा के तहत 118 महिलाओं एवं 22 पुरुषों सहित कुल 140 गुमशुदा व्यक्तियों को दस्तयाब करवाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।

उनकी उत्कृष्ट कार्यशैली और उल्लेखनीय उपलब्धियों के लिए अब तक 197 प्रशंसा पत्र एवं नकद पुरस्कार प्रदान किए जा चुके हैं। वर्ष 2019 में उन्हें उत्कृष्ट सेवाओं के लिए उत्तम सेवा चिन्ह से सम्मानित किया गया था। वहीं वर्ष 2024 में खुशी प्रोजेक्ट के अंतर्गत राजस्थान में सर्वाधिक नाबालिग बच्चों की बरामदगी के सराहनीय कार्य हेतु पुलिस महानिदेशक द्वारा 10 हजार रुपये नकद पुरस्कार एवं प्रशंसा पत्र प्रदान किया गया था।

हैड कांस्टेबल भूपेंद्र कुमार नागर की यह उपलब्धि न केवल कोटा ग्रामीण पुलिस बल्कि पूरे राजस्थान पुलिस विभाग के लिए गौरव का विषय है। वर्तमान में वे मानव तस्करी विरोधी यूनिट में पदस्थापित हैं और अपनी समर्पित सेवाओं से पुलिस विभाग की प्रतिष्ठा को नई ऊंचाइयों तक पहुंचा रहे हैं।