अनिल कुमार
ब्यावर। स्मार्ट हलचल।नसीराबाद अजमेर के नसीराबाद क्षेत्र में चल रहे कांग्रेस के “संगठन सृजन अभियान” के तहत शनिवार सुबह राजनीति का एक बेहद संवेदनशील और अनूठा रूप देखने को मिला। ग्राम कानपुरा में रात्रि विश्राम के बाद, राजस्थान प्रदेश कांग्रेस कमेटी (पीसीसी) के अध्यक्ष गोविन्द सिंह डोटासरा, ब्यावर जिलाध्यक्ष किशोर चौधरी सहित दिल्ली और राजस्थान के तमाम जिलाध्यक्ष सुबह ठीक 7 बजे ग्राम फारकिया में मनरेगा कार्यस्थल पर पहुंच गए। यहां नेताओं ने न केवल व्यवस्थाओं का जायजा लिया, बल्कि खुद फावड़ा और तगाड़ी उठाकर करीब 120 नरेगा श्रमिकों के साथ श्रमदान किया।
भावनाओं का ज्वार: श्रमिकों के पसीने में देश का भविष्य
श्रमदान के बाद श्रमिकों से संवाद करते हुए ब्यावर जिलाध्यक्ष किशोर चौधरी भावुक हो गए। उन्होंने कहा कि श्रमिक के हाथों के छाले केवल उसकी मजबूरी नहीं, बल्कि इस देश के निर्माण की असली पहचान हैं। श्रमिक अपने पसीने से गांव और समाज की तकदीर बदलते हैं। उनके बीच काम करके आज जमीनी संघर्ष को करीब से महसूस करने का मौका मिला है।
साझा चूल्हा: जमीन पर बैठकर किया भोजन
इस दौरान उस समय माहौल पूरी तरह अपनत्व के रंग में रंग गया जब श्रमदान के बाद पीसीसी चीफ डोटासरा, जिलाध्यक्ष चौधरी और अन्य नेताओं ने वीआईपी कल्चर को छोड़, श्रमिकों के साथ जमीन पर टाट-पट्टियों पर बैठकर उनके घरों से लाया गया सादा भोजन (रोटी-सब्जी और प्याज) बेहद आदर के साथ खाया।
मनरेगा को खत्म करने की साजिश का आरोप
कार्यस्थल पर महिला श्रमिकों से बातचीत के दौरान केंद्र की मोदी सरकार पर तीखा हमला बोला गया। नेताओं ने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार लगातार बजट में कटौती और जटिल नियम थोपकर मनरेगा जैसी ऐतिहासिक योजना को बंद करना चाहती है। कांग्रेस नेताओं ने संकल्प जताया कि मल्लिकार्जुन खड़गे और राहुल गांधी के नेतृत्व में श्रमिकों के हक की लड़ाई सड़क से लेकर विधानसभा और संसद तक लड़ी जाएगी।
पूरे प्रदेश में गूंजेगी अंतिम छोर की आवाज: डोटासरा
पीसीसी अध्यक्ष गोविन्द सिंह डोटासरा ने इस अनूठी पहल की तारीफ करते हुए कहा कि फारकिया गांव से शुरू हुआ यह जन-संवाद और श्रमदान का सिलसिला थमने वाला नहीं है। ‘संगठन सृजन अभियान’ के तहत आगामी दिनों में पूरे राजस्थान में इस तरह के कार्यक्रम आयोजित कर अंतिम छोर पर बैठे व्यक्ति की आवाज को बुलंद किया जाएगा।
