गौकर्ण कथा से गुंजी भागवत महिमा
भीलवाड़ा, 2 जून।स्मार्ट हलचल।पूरणमल-सम्पत देवी रांदड़ परिवार के तत्वावधान में आयोजित सात दिवसीय श्रीमद्भागवत कथा महोत्सव का शुभारंभ सोमवार को भव्य कलश यात्रा के साथ हुआ। प्रातः सिद्ध बली हनुमान मंदिर से श्रद्धालु महिलाओं एवं पुरुषों ने पारंपरिक वेशभूषा में मंगल कलश धारण कर भक्ति भाव से शोभायात्रा निकाली, जो विभिन्न मार्गों से होती हुई महेश वाटिका स्थित कथा स्थल पहुंची।
कलश यात्रा के दौरान श्रद्धालुओं ने भगवान के जयकारों एवं भजन-कीर्तन से वातावरण को भक्तिमय बना दिया। कथा स्थल पर वैदिक मंत्रोच्चार के साथ श्रीमद्भागवत महापुराण की विधिवत पूजा-अर्चना कर कथा का शुभारंभ किया गया।
कथाव्यास श्रद्धेय कृपाराम जी महाराज (जोधपुर) ने प्रथम दिवस की कथा में श्रीमद्भागवत महात्म्य का वर्णन करते हुए कहा कि भागवत कथा केवल एक धार्मिक ग्रंथ नहीं, बल्कि मानव जीवन को भक्ति, ज्ञान और वैराग्य के मार्ग पर ले जाने वाला दिव्य प्रकाश है। उन्होंने कहा कि कलियुग में भगवान के नाम, सत्संग और भागवत श्रवण से ही मनुष्य का कल्याण संभव है।
कथाव्यास ने गौकर्ण एवं धुंधकारी की पावन कथा का विस्तार से वर्णन करते हुए बताया कि श्रीमद्भागवत श्रवण की महिमा से पापी से पापी व्यक्ति का भी उद्धार हो सकता है। उन्होंने कहा कि गौकर्ण द्वारा सुनाई गई भागवत कथा के प्रभाव से धुंधकारी को प्रेत योनि से मुक्ति प्राप्त हुई, जिससे भागवत कथा की महिमा और महत्व का संदेश मिलता है।
कथा के दौरान बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे। आयोजन समिति के पंकज रांदड़ और जगदीश सोनी ने बताया कि श्रीमद्भागवत कथा महोत्सव 8 जून तक प्रतिदिन प्रातः 9 बजे से दोपहर 1:30 बजे तक आयोजित होगा। उन्होंने धर्मप्रेमी श्रद्धालुओं से अधिकाधिक संख्या में उपस्थित होकर कथा श्रवण एवं धर्मलाभ लेने का आग्रह किया।
