10 साल पुराने 9.77 लाख रुपये के चेक अनादरण मामले में आरोपी बरी
मोहम्मद आज़ाद नेब
जहाजपुर, स्मार्ट हलचल। अतिरिक्त मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट जहाजपुर ने लगभग 10 वर्ष पुराने 9 लाख 77 हजार 986 रुपये के चेक अनादरण (चेक बाउंस) मामले में आरोपी को दोषमुक्त कर दिया।
प्रकरण के अनुसार उलेला निवासी महावीर कुमार पुत्र राधेश्याम सोमाणी ने कालूराम पुत्र लक्ष्मीचंद माली निवासी उलेला के विरुद्ध परिवाद प्रस्तुत किया था। परिवादी का आरोप था कि आरोपी ने ट्रॉला खरीदने के लिए उससे 9 लाख 77 हजार 986 रुपये उधार लिए थे। राशि के भुगतान के लिए आरोपी ने स्टेट बैंक ऑफ बीकानेर एंड जयपुर, जहाजपुर शाखा का एक चेक दिया था।
परिवादी ने 8 नवंबर 2016 को चेक बैंक में प्रस्तुत किया, लेकिन आरोपी के खाते में पर्याप्त राशि नहीं होने के कारण बैंक ने चेक को अनादरित कर रिटर्न मेमो सहित वापस लौटा दिया। इसके बाद परिवादी ने न्यायालय में परिवाद दायर किया, जिस पर आरोपी को तलब किया गया।
- मामले की सुनवाई के दौरान आरोपी कालूराम की ओर से अधिवक्ता दीपक सिंह चौहान ने पैरवी की। दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद न्यायालय ने आरोपी के पक्ष में निर्णय देते हुए उसे दोषमुक्त (बरी) कर दिया। आरोपी की ओर से अधिवक्ता रामजस मीणा एवं अधिवक्ता नीरज रेगर ने भी पैरवी की।
