जिला कलेक्टर को सौंपेंगे ज्ञापन।
एजाज़ अहमद उस्मानी
स्मार्ट हलचल।मेड़ता बस्सी मोहल्ला कुम्हारों के बास क्षेत्र के वार्डवासियों ने वार्ड परिसीमन प्रक्रिया में गंभीर अनियमितताओं का आरोप लगाते हुए प्रशासनिक व्यवस्था पर सवाल खड़े किए हैं। स्थानीय निवासियों का कहना है कि परिसीमन के दौरान न केवल तथ्यों को गलत तरीके से प्रस्तुत किया गया, बल्कि जमीनी स्थिति को नजरअंदाज करते हुए वार्डों का विभाजन किया गया।वार्डवासियों के अनुसार पुराने वार्ड संख्या 31 को दो हिस्सों में बांट दिया गया, जिसमें एक भाग को वार्ड संख्या 11 और दूसरे भाग को वार्ड संख्या 9 में शामिल कर दिया गया। लोगों का कहना है कि यह विभाजन बिना उचित सर्वे और स्थानीय सहमति के किया गया, जिससे पूरे क्षेत्र के सामाजिक और पारिवारिक ढांचे पर असर पड़ा है।
स्थानीय निवासियों ने यह भी आरोप लगाया कि उक्त वार्ड में रहने वाले सभी लोग एक ही परिवार और वंश से जुड़े हुए हैं, लेकिन परिसीमन में उन्हें अलग-अलग वार्डों में विभाजित कर दिया गया। इससे न केवल प्रशासनिक असुविधा बढ़ी है बल्कि पारिवारिक एकता पर भी असर पड़ने की बात कही जा रही है। वार्डवासियों का यह भी कहना है कि क्षेत्र में एक रामदेव जी का मंदिर और एक रामदेव जी का चबूतरा स्थित है, लेकिन जांच टीम ने गलत तरीके से चबूतरे को ही मंदिर के रूप में दर्ज कर लिया। लोगों ने इसे गंभीर त्रुटि बताते हुए जांच प्रक्रिया पर सवाल उठाए हैं।
निवासियों ने आरोप लगाया है कि परिसीमन की पूरी रिपोर्ट राजनीतिक दबाव में तैयार की गई, जिससे वास्तविक स्थिति को नजरअंदाज कर दिया गया और गलत निष्कर्ष प्रस्तुत किए गए। अब वार्डवासी इस मामले में एकजुट होकर नागौर जिला कलेक्टर को ज्ञापन सौंपने की तैयारी कर रहे हैं और मांग कर रहे हैं कि पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जांच कराकर वार्ड परिसीमन को पुनः सही तरीके से संशोधित किया जाए।
