राजियावास को मिली ऐतिहासिक सौगात; सुराघाटा फीडर के लिए 6 करोड़ मंजूर, 63 साल का इंतजार खत्म

जल संसाधन मंत्री सुरेशसिंह रावत की बड़ी घोषणा; तालाब में बढ़ेगी पानी की आवक

राजियावास तालाब को ERCP में शामिल करने के भी दिए निर्देश, ग्रामीणों में खुशी की लहर

अनिल कुमार

ब्यावर।स्मार्ट हलचल।ग्राम पंचायत राजियावास के ऐतिहासिक तालाब को लेकर क्षेत्रवासियों की दशकों पुरानी उम्मीद आखिरकार पूरी हो गई है। ‘वंदे गंगा जल संरक्षण जन अभियान’ के तहत गुरुवार को राजियावास तालाब की पाल पर आयोजित एक भव्य कार्यक्रम में पहुंचे प्रदेश के जल संसाधन मंत्री सुरेशसिंह रावत ने क्षेत्र को एक बड़ी और ऐतिहासिक सौगात दी। मंत्री रावत ने सरपंच व प्रशासक ब्रजपालसिंह रावत की अगुवाई में पिछले 63 वर्षों से लंबित चली आ रही मांग को पूरा करते हुए सुराघाटा फीडर के निर्माण के लिए 6 करोड़ रुपये के बजट की घोषणा की है। यह फीडर राजियावास तालाब में पानी की आवक बढ़ाने में मील का पत्थर साबित होगा।

मौके पर ही दिए एस्टीमेट और ERCP के निर्देश
जल संसाधन मंत्री ने इस योजना की महत्ता को देखते हुए मौके पर ही मौजूद जल संसाधन विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिए कि सुराघाटा फीडर का विस्तृत एस्टीमेट (DPR) तुरंत तैयार किया जाए। इसके साथ ही, प्रशासक ब्रजपालसिंह रावत की पुरजोर मांग पर मंत्री ने ऐतिहासिक राजियावास तालाब को पूर्वी राजस्थान नहर परियोजना (ERCP) में शामिल करने हेतु कार्ययोजना बनाने के भी आदेश जारी किए। इन घोषणाओं के होते ही कार्यक्रम में मौजूद सैकड़ों ग्रामीणों ने करतल ध्वनि और जयघोष के साथ मंत्री का आभार जताया।

तालाब की सुंदरता देख अभिभूत हुए मंत्री, किया शिवलिंग का अभिषेक
कार्यक्रम के दौरान मंत्री सुरेशसिंह रावत तालाब की पाल से लबालब भरे जलाशय के विहंगम और खूबसूरत दृश्य को देखकर मंत्रमुग्ध हो गए। उन्होंने इस प्राकृतिक धरोहर को सहेजने के लिए ग्रामीणों की जमकर सराहना की। मंत्री ने ग्रामीणों से आह्वान किया कि वे तालाब की स्वच्छता बनाए रखें और जल संरक्षण में अपनी भागीदारी सुनिश्चित करें। इसके बाद मंत्री ने पाल पर स्थित प्राचीन शिव मंदिर में पंडित राधेश्याम शर्मा के वैदिक मंत्रोच्चारण के बीच शिवलिंग का पंचामृत अभिषेक कर क्षेत्र की खुशहाली की कामना की। उन्होंने पीपल पूजन कर पौधारोपण भी किया।

63 साल का संघर्ष: कई बार बनी और बिगड़ी बात
इस योजना का इतिहास काफी उतार-चढ़ाव भरा रहा है। प्रशासक ब्रजपालसिंह रावत ने बताया कि रियासत कालीन इस तालाब में पानी की क्षमता बढ़ाने के लिए साल 1963-64 में सुराघाटा फीडर योजना बनाई गई थी। 1963 से 2008 के बीच इस पर करीब 5 करोड़ रुपये खर्च हुए, लेकिन काम अधूरा रहा। इसके बाद साल 2018 में भाजपा सरकार ने ₹295.93 लाख मंजूर किए, जिसे 2019 में आई कांग्रेस सरकार ने निरस्त कर दिया। फिर 2022 में कांग्रेस सरकार ने ₹4.10 करोड़ स्वीकृत किए, जिसे 2023 में सत्ता बदलते ही निरस्त कर दिया गया। 2024-25 के बजट में इसकी सिर्फ डीपीआर की घोषणा हुई थी, लेकिन अब जाकर ₹6 करोड़ की इस ऐतिहासिक घोषणा से यह काम धरातल पर उतरेगा, जो ब्यावर शहर और आसपास के गांवों के लिए वरदान बनेगा।

21 किलो की माला से भव्य स्वागत, विधायक ने बताया सांझी धरोहर
क्षेत्रीय विधायक शंकरसिंह रावत ने इस मौके पर कहा कि राजियावास तालाब राजियावास और कालिंजर गांवों की साझा ऐतिहासिक धरोहर है। उन्होंने सरपंच की दोनों मांगों को जायज ठहराते हुए मंत्री से इन्हें जल्द पूरा कराने का आग्रह किया था।

इससे पूर्व, कार्यक्रम में पहुंचने पर सरपंच/प्रशासक ब्रजपालसिंह रावत के नेतृत्व में ग्रामीणों ने जल संसाधन मंत्री का 21 किलो की विशाल पुष्पमाला पहनाकर जोरदार स्वागत किया। इस अवसर पर भाजपा देहात जिलाध्यक्ष जीतमल प्रजापत, प्रधान गणपतसिंह रावत, सरपंच संघ अध्यक्ष महिपालसिंह, एडीएम ब्रह्मदत्त जाट, मंडल अध्यक्ष जयसिंह सुहावा सहित जवानसिंह, कल्याणसिंह, हरजीसिंह, पूरणसिंह और भारी संख्या में ग्रामीण मौजूद रहे। कार्यक्रम का सफल संचालन वरिष्ठ शारीरिक शिक्षक रतनसिंह चौहान ने किया और अंत में सरपंच ब्रजपालसिंह ने सभी का आभार व्यक्त किया।