एक माह पूर्व दर्ज हुआ था मामला, कार्रवाई नहीं होने से परिवार भय के साये में जीने को मजबूर
अलकेश पारीक
भीलवाड़ा। स्मार्ट हलचल।जिले के शक्करगढ़ थाना क्षेत्र के लाल का खेड़ा गांव निवासी एक महिला ने अनुसूचित जाति एवं जनजाति (अत्याचार निवारण) अधिनियम के तहत दर्ज मामले में अब तक आरोपियों की गिरफ्तारी नहीं होने पर जिला पुलिस अधीक्षक से न्याय की गुहार लगाई है। पीड़िता ने आरोप लगाया कि मामला दर्ज होने के बावजूद आरोपी खुलेआम घूम रहे हैं और लगातार उसे व उसके परिवार को जान से मारने तथा गांव छोड़ने की धमकियां दे रहे हैं।
पीड़िता ने पुलिस अधीक्षक को सौंपे ज्ञापन में बताया कि 1 मई 2026 को कुछ लोग उसकी टपरी में घुस आए और उसके साथ मारपीट की। आरोप है कि इस दौरान आरोपियों ने अश्लील गालियां दीं तथा जातिसूचक शब्दों का प्रयोग कर उसे अपमानित किया। घटना के संबंध में शक्करगढ़ थाने में प्रकरण संख्या 61/2026 दर्ज किया गया, जिसमें भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की विभिन्न धाराओं के साथ एससी-एसटी एक्ट की धाराएं भी शामिल की गई हैं।
महिला का कहना है कि मामला दर्ज हुए एक माह से अधिक समय बीत चुका है, लेकिन अब तक आरोपियों के खिलाफ कोई ठोस और प्रभावी कार्रवाई नहीं की गई। कार्रवाई के अभाव में आरोपियों के हौसले बुलंद हैं और वे लगातार परिवार को डराने-धमकाने का प्रयास कर रहे हैं।
ज्ञापन में पीड़िता ने आरोप लगाया कि हाल ही में आरोपियों ने उसके पति का मोटरसाइकिल से पीछा किया, जिससे परिवार में दहशत का माहौल बना हुआ है। परिवार के सदस्य खुद को असुरक्षित महसूस कर रहे हैं और भय के साये में जीवन यापन करने को मजबूर हैं।
पीड़िता ने पुलिस अधीक्षक से मामले की निष्पक्ष एवं त्वरित जांच करवाने, आरोपियों की शीघ्र गिरफ्तारी सुनिश्चित करने तथा स्वयं और अपने परिवार को सुरक्षा उपलब्ध कराने की मांग की है। साथ ही शक्करगढ़ थाना पुलिस को आवश्यक दिशा-निर्देश जारी कर प्रभावी कार्रवाई करवाने का आग्रह भी किया है।
पीड़िता का कहना है कि यदि समय रहते आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई नहीं हुई तो उसके परिवार की सुरक्षा को गंभीर खतरा उत्पन्न हो सकता है।
