जल, जंगल और जैव विविधता संरक्षण पर व्यापक चर्चा, जयपुर में आयोजित शिखर सम्मेलन में गूंजे पर्यावरण सरोकार

अजय सिंह (चिंटू)

जयपुर-स्मार्ट हलचल।विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर राजस्थान एनवायरमेंट एंड एनर्जी कंजर्वेशन सेंटर (REECC) द्वारा आयोजित विश्व पर्यावरण दिवस शिखर सम्मेलन-2026 का 8वां संस्करण जयपुर में आयोजित हुआ। सम्मेलन में पर्यावरण संरक्षण, जलवायु परिवर्तन, जल प्रबंधन, जैव विविधता संरक्षण एवं सतत विकास जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर विशेषज्ञों, शिक्षाविदों, प्रशासनिक अधिकारियों, शोधकर्ताओं और युवाओं ने विचार साझा किए तथा पर्यावरणीय चुनौतियों के समाधान पर मंथन किया।
कार्यक्रम का शुभारंभ दीप प्रज्ज्वलन के साथ हुआ। इस अवसर पर पूर्व केंद्रीय मंत्री एवं राजस्थान विधानसभा के पूर्व अध्यक्ष सी.पी. जोशी, वरिष्ठ आईएएस अधिकारी एवं सहकारिता विभाग के सचिव समित शर्मा, पद्मश्री सम्मानित पर्यावरणविद् लक्ष्मण सिंह लापोड़िया, एल.बी.एस. कॉलेज के प्राचार्य डॉ. हेमंत पारिक, पर्यावरण विशेषज्ञ गोविंद शर्मा सहित अनेक गणमान्य अतिथि उपस्थित रहे।
सम्मेलन का मुख्य विषय “वैश्विक जलवायु परिवर्तन : सामूहिक प्रयासों से सतत भविष्य की ओर” रहा। इस दौरान आयोजित विशेष परिचर्चा में प्रो. (डॉ.) मनोज के. पंड्या, के. श्रीकांत नगर, अनुराग कुमार भटनागर एवं सेवानिवृत्त आईएएस दामोदर शर्मा सहित विशेषज्ञों ने जलवायु परिवर्तन के बढ़ते प्रभाव, प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण, जैव विविधता की सुरक्षा और पर्यावरणीय चुनौतियों के स्थायी समाधानों पर अपने विचार रखे।
वक्ताओं ने कहा कि जलवायु परिवर्तन आज विश्व के सामने सबसे गंभीर चुनौतियों में से एक है, जिसका प्रभाव पर्यावरण के साथ-साथ सामाजिक और आर्थिक व्यवस्थाओं पर भी पड़ रहा है। ऐसे में जल संरक्षण, वृक्षारोपण, ऊर्जा दक्षता, अक्षय ऊर्जा के उपयोग और प्राकृतिक संसाधनों के संतुलित दोहन को बढ़ावा देना समय की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि पर्यावरण संरक्षण को केवल सरकारी योजनाओं तक सीमित नहीं रखा जा सकता, बल्कि इसके लिए जनभागीदारी और सामूहिक प्रयास अनिवार्य हैं।
सम्मेलन में युवाओं की सक्रिय भागीदारी विशेष आकर्षण का केंद्र रही। विभिन्न विद्यालयों और महाविद्यालयों के विद्यार्थियों ने विज्ञान मॉडल, पर्यावरण संरक्षण आधारित परियोजनाओं, नवाचारों और चित्रकला प्रदर्शनी के माध्यम से अपनी रचनात्मक सोच और जागरूकता का परिचय दिया। विद्यार्थियों द्वारा प्रस्तुत मॉडल और परियोजनाओं में जल संरक्षण, हरित ऊर्जा, अपशिष्ट प्रबंधन और सतत विकास से जुड़े नवाचारों को प्रमुखता से प्रदर्शित किया गया।
वक्ताओं ने युवाओं को पर्यावरण संरक्षण की मुहिम का अग्रदूत बताते हुए कहा कि आने वाली पीढ़ियों के सुरक्षित और स्वच्छ भविष्य के लिए आज से ही जिम्मेदारी के साथ कार्य करना होगा। उन्होंने युवाओं से पर्यावरण संरक्षण को जन-आंदोलन का स्वरूप देने तथा अपने दैनिक जीवन में पर्यावरण अनुकूल आदतों को अपनाने का आह्वान किया।
इस अवसर पर पर्यावरण संरक्षण एवं जागरूकता के क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य करने वाले व्यक्तियों और संस्थाओं को “पर्यावरण उत्कृष्टता सम्मान-2026” से सम्मानित किया गया। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में विद्यार्थी, शिक्षक, शोधकर्ता, सामाजिक कार्यकर्ता और पर्यावरण प्रेमियों ने भाग लेकर पर्यावरण संरक्षण के प्रति अपनी प्रतिबद्धता व्यक्त की।
सम्मेलन के समापन पर राजस्थान एनवायरमेंट एंड एनर्जी कंजर्वेशन सेंटर के अध्यक्ष वैभव भारद्वाज ने सभी अतिथियों, प्रतिभागियों और सहयोगी संस्थाओं का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि पर्यावरण संरक्षण और सतत विकास के लिए जागरूक समाज और सामूहिक प्रयास ही भविष्य की सबसे बड़ी ताकत हैं। उन्होंने विश्वास जताया कि ऐसे आयोजन पर्यावरणीय चेतना को मजबूत करने और समाज को प्रकृति के प्रति अधिक जिम्मेदार बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते रहेंगे।