शाहपुरा। मूलचन्द पेसवानी
शाहपुरा जिला चिकित्सालय में पिछले लंबे समय से फिजिशियन के अभाव ने वरिष्ठ नागरिकों की सेहत को सीधे संकट में डाल दिया है। आरजीएचएस योजना के तहत पर्ची पर दवा लिखवाने और उपचार पाने के लिए रोज अस्पताल पहुंचने वाले बुजुर्ग आज “इलाज नहीं, बहाने” सुनने को मजबूर हैं। दूसरे चिकित्सक आरजीएचएस की दवाइयां नहीं लिख रहे, नतीजाकृपेंशनर वर्ग दवा के लिए भटक रहा है।
एक तरफ वरिष्ठ नागरिकों के लिए रामाश्रय वार्ड का निर्माण कर ढोल पीटा जा रहा है, दूसरी तरफ वहां इलाज के लिए फिजिशियन ही नहीं! सवाल सीधा है वार्ड किसके लिए, जब डॉक्टर ही नहीं?
इसी बदहाली के खिलाफ सोमवार को वरिष्ठ नागरिक संस्थान के पदाधिकारियों ने अतिरिक्त जिला कलेक्टर कार्यालय पहुंचकर ज्ञापन सौंपा और फिजिशियन की तत्काल नियुक्ति की मांग की। संस्थान के सचिव कैलाश वर्मा, ललित चौहान, जगदीश प्रसाद जोशी, राधेश्याम मूंदड़ा, दिनेश तोलबिया, लादूलाल माली, भगवान, शिव जोशी, दिनेश सुखपाल, शिव शंकर शर्मा, गोपाल बोहरा और ओमप्रकाश ओझा (सेवानिवृत्त तहसीलदार) सहित सदस्य मौके पर पहुंचे और प्रशासन को साफ शब्दों में आईना दिखाया।
इसके बाद प्रतिनिधिमंडल ने जिला चिकित्सालय जाकर पीएमओ डॉ. अशोक जैन को भी स्थिति से अवगत कराया। वरिष्ठ नागरिकों ने बताया कि आरजीएचएस योजना के तहत मिलने वाली दवाइयां चिकित्सकों द्वारा लिखी ही नहीं जा रही हैं, जिससे पेंशनर वर्ग आर्थिक और शारीरिककृदोनों मोर्चों पर पिस रहा है। उपखंड अधिकारी कार्यालय में भी ज्ञापन देकर शीघ्र समाधान की मांग रखी गई।
संस्थान ने दो टूक चेतावनी दी कि यदि जल्द फिजिशियन की नियुक्ति नहीं हुई और आरजीएचएस की दवाइयां लिखना शुरू नहीं किया गया, तो वरिष्ठ नागरिक आंदोलन का रास्ता अपनाएंगे। अब सवाल प्रशासन से इलाज चाहिए या सिर्फ आश्वासन? बुजुर्गों की सेहत पर राजनीति कब खत्म होगी?
शाहपुरा जिला चिकित्सालय में फिजिशियन नहीं इलाज ठप, आरजीएचएस दवाइयां बंद, बुजुर्गों का सब्र टूटा
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