(महेन्द्र नागौरी)
भीलवाड़ा
स्मार्ट हलचल।महेश वाटिका में पूरणमल-सम्पत देवी रांदड़ परिवार के तत्वावधान में चल रहे सप्तदिवसीय श्रीमद्भागवत कथा महोत्सव के पंचम दिवस कथा व्यास श्रद्धेय कृपारामजी महाराज (जोधपुर) ने भगवान श्रीकृष्ण की बाल लीलाओं का भावपूर्ण एवं संगीतमय वर्णन किया। कथा के दौरान आयोजित नंदोत्सव में श्रद्धालु भजनों पर झूम उठे और पूरा परिसर भक्तिरस में सराबोर हो गया।
कृपारामजी महाराज ने कहा कि श्रीमद्भागवत कथा केवल धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि मनुष्य को भक्ति, धर्म और सदाचार के मार्ग पर चलाने वाली दिव्य प्रेरणा है। उन्होंने नंदोत्सव प्रसंग का वर्णन करते हुए बताया कि भगवान श्रीकृष्ण के जन्म से समूची ब्रजभूमि आनंद और उत्साह से भर उठी थी। “नंद के आनंद भयो, जय कन्हैया लाल की” भजन पर श्रद्धालुओं ने उत्साहपूर्वक सहभागिता की।
कथा में बालकृष्ण की माखन चोरी, पूतना वध, शकटासुर उद्धार सहित विभिन्न बाल लीलाओं का मार्मिक वर्णन किया गया। महाराज ने कहा कि माखन चोरी की लीला भक्तों के हृदय रूपी माखन को जीतने का दिव्य संदेश देती है। “मैया मोरी मैं नहीं माखन खायो” सहित विभिन्न भजनों ने श्रद्धालुओं को भावविभोर कर दिया।
“राधे-राधे जपो”, “गोविन्द बोलो हरि गोपाल बोलो” और अन्य भजनों पर श्रद्धालु भक्ति भाव में झूमते नजर आए। कथा में महिलाओं, युवाओं और वरिष्ठ श्रद्धालुओं की बड़ी संख्या मौजूद रही।
आयोजन समिति के जगदीश सोनी, पियूष सोनी एवं खुशाल रांदड़ ने बताया कि श्रीमद्भागवत कथा महोत्सव 8 जून तक प्रतिदिन प्रातः 9 बजे से दोपहर 1:30 बजे तक महेश वाटिका में आयोजित होगा।
