ट्रैक्टर-ट्रॉली जब्ती के दौरान भड़का विवाद,सरकारी वाहन में तोड़फोड़-फरार आरोपियों की तलाश में लगातार दबिश
शिवराज बारवाल मीना
टोंक ।स्मार्ट हलचल।निवाई सर्किल अन्तर्गत दतवास थाना क्षेत्र के अगरपुरा गांव में शुक्रवार को अवैध बजरी खनन एवं परिवहन के खिलाफ कार्रवाई करने पहुंची पुलिस की टीम और बजरी कारोबार से जुड़े लोगों के बीच आमना-सामना होने पर तनावपूर्ण स्थिति बन गई।दतवास थाना पुलिस द्वारा अवैध बजरी से भरी ट्रैक्टर-ट्रॉली को जब्त किए जाने के बाद बड़ी संख्या में लोग मौके पर एकत्र हो गए और कार्रवाई का विरोध करने लगे। देखते ही देखते विवाद बढ़ गया तथा कुछ लोगों ने उग्र होकर पुलिस के सरकारी वाहन में तोड़फोड़ कर दी। घटना के बाद क्षेत्र में अफरा-तफरी का माहौल बन गया।
प्राप्त जानकारी के अनुसार दतवास थाना पुलिस को क्षेत्र में अवैध बजरी खनन एवं परिवहन की सूचना मिली थी। सूचना के आधार पर पुलिस टीम ने अगरपुरा गांव के समीप कार्रवाई करते हुए बजरी से भरी एक ट्रैक्टर-ट्रॉली को जब्त कर लिया। पुलिस जब बजरी के वाहन को अपने कब्जे में लेकर आगे की कार्रवाई कर रही थी, तभी बजरी कारोबार से जुड़े कुछ लोग मौके पर पहुंच गए और जब्त वाहन को छुड़ाने का प्रयास करने लगे। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार कुछ ही देर में बड़ी संख्या में ग्रामीण एवं अन्य लोग घटनास्थल पर एकत्र हो गए।पुलिस और मौजूद लोगों के बीच तीखी बहस शुरू हो गई, जो बाद में झड़प में बदल गई, इस दौरान कुछ बजरी माफिया सहित उपद्रवियों ने सरकारी वाहन को निशाना बनाते हुए उसमें तोड़फोड़ कर दी। घटना के बाद हालात तनावपूर्ण हो गए और पुलिस को अतिरिक्त पुलिस जाब्ता मौके पर बुलाना पड़ा। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस उपाधीक्षक निवाई रवि प्रकाश शर्मा मौके पर पहुंचे और स्थिति का जायजा लिया।इसके अलावा सर्किल के निवाई, निवाई सदर सहित आसपास के थानों का पुलिस बल भी घटनास्थल पर बुलाया गया। कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए सर्किल के अन्य थानाधिकारियों को भी मौके पर तैनात किया गया। पुलिस अधीक्षक व एएसपी के निर्देशन में पुलिस ने तत्काल कार्रवाई करते हुए उपद्रव और सरकारी कार्य में बाधा पहुंचाने के आरोप में 13 पुरुषों तथा 4 महिलाओं सहित कुल 17 लोगों को गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ की जा रही है तथा घटना में उनकी भूमिका की जांच की जा रही है।वहीं कई आरोपी मौके से फरार हो गए, जिनकी पहचान कर उनकी गिरफ्तारी के लिए संभावित ठिकानों पर दबिश दी जा रही है। पुलिस अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि सरकारी कार्य में बाधा पहुंचाने, पुलिस कार्रवाई का विरोध करने, जब्त वाहन छुड़ाने का प्रयास करने तथा सरकारी संपत्ति को नुकसान पहुंचाने वालों के खिलाफ नियमानुसार कठोर कार्रवाई की जाएगी। पुलिस ने पूरे क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था बढ़ा दी है और संवेदनशील स्थानों पर अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया है। पुलिस उपाधीक्षक रवि प्रकाश शर्मा ने बताया कि अवैध बजरी खनन एवं परिवहन के खिलाफ अभियान लगातार जारी रहेगा।किसी भी प्रकार के दबाव, विरोध या अवैध गतिविधियों को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।उन्होंने कहा कि कानून हाथ में लेने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी तथा क्षेत्र में शांति एवं कानून व्यवस्था बनाए रखना पुलिस की प्राथमिकता है। उल्लेखनीय है कि क्षेत्र में अवैध बजरी खनन लंबे समय से प्रशासन के लिए चुनौती बना हुआ है। समय-समय पर पुलिस एवं खनन विभाग द्वारा कार्रवाई किए जाने के बावजूद अवैध खनन और परिवहन पूरी तरह नहीं रुक पाया है। शुक्रवार की घटना ने एक बार फिर अवैध बजरी कारोबार से जुड़े तत्वों के बढ़ते हौसलों और प्रशासन के सामने मौजूद चुनौतियों को उजागर कर दिया है। पुलिस का कहना है कि मामले में फरार आरोपियों की तलाश जारी है और जल्द ही अन्य आरोपियों की गिरफ्तारी भी की जाएगी। वहीं क्षेत्र में कथित रूप से चर्चा है कि अगर पुलिस व वन विभाग सहित जिम्मेदार विभाग अवैध खनन व परिवहन को सांठगांठ से संरक्षण देकर बढ़ावा नहीं देते तो इस तरह के हालात कभी भी उत्पन्न नहीं होते, लेकिन पुलिस की सांठगांठ की वजह से ही माफियाओं के हौसले बुलंद है।
