मनरेगा के 15 लाख के एनीकट पर बढ़ता बवाल: कलेक्टर से थाने तक पहुंची शिकायतें, अब 20 परिवारों ने खोला मोर्चा

निजी हित में बदली गई एनीकट की संरचना का आरोप, किसानों ने जताई खेती चौपट होने की आशंका; कल भील समाज देगा कलेक्टर को ज्ञापन

अलकेश पारीक

स्मार्ट हलचल।जहाजपुर पंचायत समिति की ग्राम पंचायत बेई में मनरेगा योजना के तहत बनाए जा रहे लगभग 15 लाख रुपए के एनीकट को लेकर विवाद थमने का नाम नहीं ले रहा है। पिछले कई दिनों से इस एनीकट को लेकर लगातार शिकायतें सामने आ रही हैं। पहले ग्रामीणों ने जिला कलेक्टर को ज्ञापन देकर निर्माण कार्य में अनियमितताओं और निजी हित साधने के आरोप लगाए थे, वहीं अब एनीकट के समीप स्थित भूमि मालिक भी शक्करगढ़ थाने पहुंच गया है। लगातार बढ़ते विरोध और शिकायतों के बावजूद ग्रामीणों का आरोप है कि जिम्मेदार अधिकारी पूरे मामले को गंभीरता से नहीं ले रहे हैं।
ग्रामीणों का कहना है कि यह विवाद किसी व्यक्तिगत रंजिश का नहीं बल्कि दर्जनों किसान परिवारों के भविष्य का मामला है। क्षेत्र के किसानों का आरोप है कि एनीकट निर्माण की मूल योजना के अनुरूप कार्य नहीं किया गया। उनका दावा है कि निर्माण कार्य में एक प्रभावशाली व्यक्ति को लाभ पहुंचाने के उद्देश्य से संरचना में बदलाव किया गया, जिससे विवाद और गहरा गया है।
किसानों के अनुसार एनीकट में लगभग 30 मीटर की दीवार प्रस्तावित थी, लेकिन मौके पर निर्माण इस प्रकार किया गया कि पानी का दबाव और बहाव एक दिशा में केंद्रित होने की आशंका पैदा हो गई है। ग्रामीणों का आरोप है कि इससे एक ओर स्थित निजी भूमि को फायदा पहुंचेगा, जबकि दूसरी ओर स्थित किसानों के खेतों में बरसात के दौरान जलभराव की स्थिति बन सकती है। किसानों का कहना है कि यदि ऐसा हुआ तो उनकी कृषि भूमि लंबे समय तक प्रभावित होगी और खेती करना मुश्किल हो जाएगा।
सबसे बड़ी चिंता यह है कि इस संभावित प्रभाव की जद में करीब 20 किसान परिवार बताए जा रहे हैं। ग्रामीणों का कहना है कि क्षेत्र की अधिकांश आबादी खेती पर निर्भर है और यदि खेतों में पानी भरने या भूमि खराब होने की स्थिति बनती है तो परिवारों के सामने रोजी-रोटी का संकट खड़ा हो सकता है। किसानों का आरोप है कि समय रहते तकनीकी जांच नहीं करवाई गई तो आने वाले मानसून में स्थिति गंभीर हो सकती है।
मामले ने नया मोड़ तब लिया जब एनीकट के पास जमीन रखने वाले किसान ने शक्करगढ़ थाने में लिखित शिकायत देकर निर्माण कार्य पर आपत्ति जताई। शिकायत में आरोप लगाया गया है कि वर्तमान स्वरूप में बनाया जा रहा एनीकट भविष्य में किसानों की जमीनों को नुकसान पहुंचा सकता है। इससे पहले ग्रामीणों द्वारा जिला कलेक्टर को दिए गए ज्ञापन में भी सरकारी राशि के दुरुपयोग और निजी लाभ पहुंचाने के आरोप लगाए गए थे।
ग्रामीणों का कहना है कि एक के बाद एक शिकायतें होने के बावजूद अभी तक न तो कोई प्रभावी तकनीकी जांच हुई है और न ही किसानों की आशंकाओं का समाधान किया गया है। यही कारण है कि अब इस मुद्दे को लेकर क्षेत्र में व्यापक जनसमर्थन देखने को मिल रहा है।
जानकारी के अनुसार एनीकट विवाद को लेकर अब भील समाज के लोग भी खुलकर सामने आ गए हैं। जिन किसानों की भूमि इस क्षेत्र में स्थित है, वे कल जिला कलेक्टर को सामूहिक ज्ञापन सौंपेंगे। ज्ञापन में पूरे निर्माण कार्य की उच्चस्तरीय जांच, तकनीकी मूल्यांकन, निर्माण की गुणवत्ता की समीक्षा तथा संभावित नुकसान को रोकने के लिए तत्काल हस्तक्षेप की मांग की जाएगी।
गौरतलब है कि इस एनीकट विवाद को लेकर पूर्व में भी समाचार पत्रों में खबरें प्रकाशित हो चुकी हैं, लेकिन इसके बावजूद विवाद लगातार बढ़ता जा रहा है। अब कलेक्टर कार्यालय से लेकर थाने तक पहुंच चुके इस मामले ने पूरे क्षेत्र का ध्यान अपनी ओर खींच लिया है। किसानों और ग्रामीणों का कहना है कि यदि समय रहते निष्पक्ष जांच नहीं करवाई गई तो आने वाले दिनों में आंदोलन को और तेज किया जाएगा।